भास्कर न्यूज | लुधियाना| अग्र नगर ब्लॉक बी स्थित श्री रघुनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन रामलीला का मंचन भक्तिमय माहौल में हुआ। चारों ओर पंडाल जयकारों और तालियों से गूंज रहा था। मंच पर भगवान राम ने मुनि विश्वामित्र के निर्देशन में ताड़का राक्षसी का वध किया।मुनि विश्वामित्र अयोध्या आए और महाराज दशरथ से कहा कि राक्षस ताड़का हवन यज्ञ को नष्ट कर रही है। ताड़का राक्षसी अपने अत्याचार और भय फैलाने के कारण यज्ञ को बाधित कर रही थी। दशरथ ने राम और लक्ष्मण को मुनि के पास भेजा। राम-लक्ष्मण ने ऋषि मुनियों द्वारा किए जा रहे हवन यज्ञ की रक्षा करते हुए ताड़का का वध किया। इसके बाद उन्होंने सुबाहु और मारिज का वध कर पवित्र यज्ञ को सफल बनाया। हर वध का दृश्य भक्तों के चेहरों पर श्रद्धा और उत्साह साफ दिख रहा था। मानो यह नाटक नहीं असल जिंदगी में चल रहा हो। इसके बाद राम-लक्ष्मण मुनि के साथ विचरण करते हुए श्रापित मां अहिला के पास गए। राम की भक्ति और समर्पण से मां अहिला का श्राप समाप्त हुआ। पूरे पंडाल में जयकारों और भजन की ध्वनि गूंज रही थी। अंत में राम और लक्ष्मण जनकपुरी पहुंचे। माता सीता की जन्मभूमि का दृश्य मंचित होते ही भक्तों ने ताली और जयकारों से स्वागत किया। युवा, बुजुर्ग, बच्चे-सभी मंत्रमुग्ध होकर मंचन देख रहे थे। पूरे पंडाल में रामलीला का रंग, नवरात्र की भक्ति और भव्य मंच सजावट का प्रभाव स्पष्ट नजर आ रहा था। मंचन के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह और भक्ति भाव देखना अद्भुत था। हर दृश्य, हर जयकारा और भजन मानो सीधे हृदय में उतर रहा था। रामलीला कमेटी और स्थानीय गणमान्य भी उपस्थित रहे।


