भास्कर न्यूज | जांजगीर छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष, केबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त सेवानिवृत्त आईएएस आरएस विश्वकर्मा ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान आयोग के सदस्य नीलांबर नायक, बलदाऊ राम साहू, हरिशंकर यादव, यशवंत सिंह वर्मा, कलेक्टर जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय, वनमंडलाधिकारी हिमांशु डोंगरे, जिला पंचायत सीईओ गोकुल कुमार रावटे, अपर कलेक्टर ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर, अपर कलेक्टर आरके तंबोली, संयुक्त कलेक्टर संदीप सिंह ठाकुर सहित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। विश्वकर्मा ने आयोग के गठन की पृष्ठभूमि पर जानकारी देते हुए बताया कि इसका उद्देश्य अन्य पिछड़ा वर्ग के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में काम करना है। उन्होंने कहा कि आयोग की प्राथमिकता ओबीसी वर्ग की योजनाओं में भागीदारी बढ़ाना, अब तक योजनाओं से वंचित जातियों की पहचान करना और उनके हित में ठोस कदम उठाना है। उन्होंने पंचायतवार सामाजिक और आर्थिक सर्वे की जानकारी लेते हुए जरूरी निर्देश दिए। बैठक में आदिवासी विकास, समाज कल्याण, पंचायत और ग्रामीण विकास, कृषि, पशुधन, मछली पालन, श्रम, शिक्षा, ग्रामोद्योग, रेशम और सांख्यिकी विभागों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी पीपीटी के माध्यम से दी गई। इस दौरान अध्यक्ष ने ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को शिक्षा, खेल और अन्य गतिविधियों से जोड़ने, स्कूलों में सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में निर्देश दिए। आयोग के सदस्यों ने जाति प्रमाण पत्र जारी करने में आ रही कठिनाइयों, क्रीमीलेयर और नॉन क्रीमीलेयर की स्थिति पर चर्चा की और इसे दूर करने के लिए प्रशासनिक पहल की जरूरत बताई। साथ ही छात्रावास भवन की मांग को प्राथमिकता देने की बात कही। बैठक में जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में हुए ओबीसी सर्वे की समीक्षा की गई। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने बताया कि जिला प्रशासन क्वांटीफाएबल डाटा तैयार कर रहा है और शासन की योजनाओं का लाभ ओबीसी वर्ग तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बैठक में दिए गए निर्देशों का गंभीरता से पालन किया जाएगा।


