भास्कर न्यूज | जालंधर श्री चैतन्य महाप्रभु श्री राधा माधव मंदिर प्रताप बाग में श्री हरिनाम संकीर्तन एवं हरिकथा करवाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुंबई स्थित श्री चैतन्य गौडीय मठ के मठ रक्षक त्रिदण्डी स्वामी श्रीमद् भक्ति सुहृद परमाद्वैती महाराज ने की। संकीर्तन की शुरुआत राजेश शर्मा, पुजारी श्रीनिवास, पुजारी परमानंद, मनोज कौशल, सुरेश कुमार, कृष्ण गोपाल, जगन्नाथ गौर और अम्बरीष कश्यप ने मंगलाचरण, गुरु वंदना तथा वैष्णव वंदना से की। श्रील परमाद्वैति महाराज ने कहा कि भगवान की भक्ति में आगे बढ़ने का रास्ता श्री चैतन्य गौडीय मठ में बताया जाता है। उन्होंने बताया कि चैतन्य महाप्रभु श्री राधा कृष्ण का मिलित स्वरूप हैं। भगवान श्री कृष्ण ही राधारानी का भाव और अंगकांति लेकर श्री चैतन्य महाप्रभु जी के रूप में अवतरित हुए। भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु जी ने इस जगत को हरे कृष्ण महामंत्र प्रदान करते हुए कहा कि यह कलियुग का महामंत्र है। पुजारी श्रीनिवास ने ‘हे गोविंद राखो शरण अब तो जीवन हारे’ भजन सुनाया तो सभी भाव-विभोर हो गए। राजिंदर लूथरा ने महामंत्र संकीर्तन द्वारा कार्यक्रम को विश्राम दिया। मंदिर के महासचिव राजेश शर्मा ने बताया कि श्रील परमाद्वैती महाराज द्वारा 25 सितंबर को हरिकथा का आखिरी दिन है। इस मौके पर केवल कृष्ण, रेवती रमन गुप्ता, अमित चड्ढा, अजीत तलवाड़, राम मिलन पाण्डेय, अजय अग्रवाल, मिंटू कश्यप, राजन गुप्ता, प्रेम चोपड़ा, ओम भंडारी समेत अन्य मौजूद रहे।


