भास्कर न्यूज | अमृतसर अपनी अपनी डफली अपना अपना राग की तर्ज पर आप सरकार, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, शिरोमणि अकाली दल पुर्नगठन, शिअद अमृतसर, दमदमी टकसाल अजनाला व अन्य सिख संस्थाएं अलग अलग तौर से नवंबर में श्री गुरु तेग बहादर साहिब की शहीदी शताब्दी संबंधी समागम आयोजित करेगें। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ही नहीं श्री अकालतख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने आप सरकार को अलग-अलग तौर से मुख्य समागम आयोजित करने की बजाए एसजीपीसी द्वारा 23 से 25 नवंबर तक श्री आनंदपुर साहिब में करवाए जाने वाले समागमों में शिरकत करने की अपील की थी। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह व धामी ने यहां तक कहा था कि धार्मिक समागम करवाने सरकारों का काम नहीं है बल्कि यह काम सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था एसजीपीसी का है। उन्होंने गुहार लगाई थी कि सरकारों का काम शताब्दी को समर्पित समागमों के आसपास की सड़कों का पुर्ननिर्माण करवाकर विकास कार्य करना व सिख समुदाय को इसकी सफलता के लिए सहयोग प्रदान करना है न कि अपने तौर से समागम आयोजित करना। लेकिन फिलहाल सीएम भगवंत मान ने ऐसा करने से न सिर्फ इनकार कर दिया है बल्कि यहां तक कहा है कि धार्मिक समागम के तहत गुुरु साहिबान की शताब्दियां आयोजित करना केवल एसजीपीसी का अधिकार क्षेत्र नहीं है। गुरु साहिबान समस्त धर्मों विशेषकर सिख कौम के सांझे गुरु हैं यह केवल एसजीपीसी के गुरु नहीं हैं। इस पर एसजीपीसी अथवा श्री अकालतख्त साहिब का एकाधिकार नहीं है। दूसरी तरफ, शिरोमणि अकाली दल पुनर्गठन के प्रधान ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने भी एसजीपीसी व शिअद बादल के साथ मिलकर मुख्य समागम में शिरकत करने से साफ इनकार करते हुए अलग से समागम आयोजित करने की घोषणा की है। दमदमी टकसाल अजनाला के प्रमुख सेवादार भाई अमरीक सिंह ने तो एसजीपीसी-शिअद बादल द्वारा 25 नवंबर को आयोजित होने वाले मुख्य समागम का ही बायकाट करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि सिख सिद्धांतों, परंपराओं व मर्यादा का उल्लंघन करने वाले एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी एवं शिअद बादल के प्रधान सुखबीर बादल के किसी भी ऐसे समागम में दमदमी टकसाल के कार्यकर्त्ता शिरकत नहीं करेंगे।


