झारखंड सरकार ने अपना सचिवालय अनुदेश बनाया है। सचिवालय का संपूर्ण कामकाज इसी के माध्यम से संचालित होगा। अबतक बिहार के प्रावधानों से काम होता था। 1965 में बिहार के समय बने सचिवालय कार्यालय प्रक्रिया हस्तक को संशोधित करते हुए झारखंड सचिवालय कार्यालय प्रक्रिया हस्तक 2025 को कैबिनेट से मंजूरी दी गई। इसमें सचिवालय में एएसओ से लेकर सचिव तक के कामकाज को परिभाषित किया गया है। जिम्मेदारी का निर्वहन करने के लिए नियम निर्धारित किए गए हैं। ऐसे कई पद जिनका काम परिभाषित नहीं था, उसे भी परिभाषित किया गया है। कैबिनेट में राज्य में कार्यरत सहायक पुलिसकर्मियों को उनकी पूर्व की सेवा शर्त के साथ एक साल का अवधि विस्तार दिया गया है। सहायक पुलिसकर्मियों की बहाली रघुवर सरकार के कार्यकाल में हुई थी। इन्हें नक्सल प्रभावित जिलों में तैनात किया गया था। शुरू में इनकी संख्या करीब 2200 थी। जो घट कर अब करीब 1800 रह गई है। इसके साथ ही राज्य के 5 जिलों रांची, चतरा, जमशेदपुर, खूंटी और हजारीबाग में एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस) थाना के सृजन को कैबिनेट में स्वीकृति दी गई। सरकार का मानना है कि इन थानों से मादक पदार्थों के अवैध कारोबार और खेती पर सख्ती से लगाम लगाई जा सकेगी। केंद्र प्रायोजित वन स्टॉप सेंटर योजना के अंतर्गत 4 नए वन स्टॉप सेंटर को मंजूरी दी गई।
स्टेट ऑफ द आर्ट संस्थान के रूप में विकसित करने को लेकर राजकीय पोलिटेकनिक, रांची में नए भवन के निर्माण तथा जीर्णोद्धार कार्य के लिए 97,65,82,500 रुपए के योजना को स्वीकृति।
भारत सरकार के सहयोग से चल रही शहीद नीलांबर पीतांबर उत्तर कोयल परियोजना के बचे कार्यों को पूरा करने के लिए 774.55 करोड़ रुपए के प्राक्कलन की प्रशासनिक स्वीकृति।
झारखंड निजी सुरक्षा अभिकरण नियमावली में केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के आलोक में संशोधन की स्वीकृति दी गई। झारखंड राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग एवं जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों के कार्यकाल विस्तार की स्वीकृति दी गई। कंप्यूटराइजेशन के जमाने में आई तकनीकी बदलावों को शामिल किया गया है। इससे यह सुनिश्चित हो गया है कि सभी को कंप्यूटर का ज्ञान होना अनिवार्य होगा। संचिका कैसे गठित होगी, कैसे बढ़ेगी, उसे स्पष्ट किया गया है। पीपीएस के कार्य को परिभाषित किया गया है। उनके कार्य दायित्व को भी स्पष्ट किया गया है। ई-ऑफिस के लिए जरूरी सभी चीजों को समाहित किया गया है। सचिवालय में काम करने वाले कर्मियों और अधिकारियों के लिए कंप्यूटर का ज्ञान अनिवार्य किया गया है। अप्रासंगिक हो चुके नियमों को विलोपित किया गया है। ई-फाइल सिस्टम कैसे लागू होगा, उसपर भी जोर दिया गया है। कस्तूरबा गांधी कर्मियों के मानदेय में 4% की वृद्धि सरकार ने राज्य में अवस्थित 203 कस्तूरबा गांधी और 57 बालिका आवासीय विद्यालय के शिक्षिकाओं एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के मानदेय में 4 फीसदी की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इन विद्यालयों में 1132 शिक्षिकाएं एवं 1015 शिक्षकेत्तर कर्मचारी हैं। एमजीएम में छज्जा गिरने से घायल व मृतकों को मुआवजा एमजीएम चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, जमशेदपुर के अस्पताल परिसर का एक हिस्सा गिरने के कारण हुई दुर्घटना में घायलों एवं मृतकों के परिजनों को मुआवजा राशि भुगतान करने की स्वीकृति दी गई। घायल को 50 हजार और मृतक को पांच लाख का मुआवजा दिया जाएगा। बता दें कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज में तीन मई को हुए हादसे में मेडिसिन वार्ड के बी ब्लॉक के तीसरे तल्ले के कॉरिडोर की छत भरभराकर गिर गई थी।। इसका मलबा दूसरे तल्ले की छत तोड़ते हुए पहले तल्ले तक आ गया था। मलबे से दबकर तीन मरीजों गदला निवासी लुकास साइमन तिर्की (61), साकची के डेविड जॉनसन (73) और सरायकेला के श्रीचंद तांती (65) की मौत हो गई थी। नेतरहाट की तर्ज पर आवासीय विद्यालय बनाने की स्वीकृति झारखंड राज्य के अंतर्गत नेतरहाट आवासीय विद्यालय, नेतरहाट की तर्ज पर कोल्हान प्रमंडल, चाईबासा एवं संथाल परगना प्रमंडल, दुमका के साथ-साथ उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल, हजारीबाग अंतर्गत बोकारो जिले में आवासीय विद्यालय के भवन निर्माण के लिए प्राक्कलित राशि 1,16,54,77,800 रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।


