भास्कर न्यूज | जालंधर नवदुर्गा रामलीला समिति संजय गांधी नगर की ओर से बेअंत सिंह पार्क में जारी श्रीरामलीला मंचन के दौरान बुधवार को रावण अत्याचार का दृश्य पेश किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्वानों ने विधिवत पूजन कर की। रावण अपने विमान से भ्रमण के लिए निकलता है और कैलाश पर्वत पर पहुंचता है। कैलाश पर्वत ऊंचा होने के कारण रावण पर्वत उठाने लगता है। मगर उठाते समय उसका हाथ पर्वत में दब जाता है। वह शिवजी की आराधना करता है। शिवजी प्रसन्न होकर रावण को चंदहास तलवार एवं नाभि में अमृत डाल देते हैं। यहीं से रावण अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर देता है। देवताओं को बंदी बनाना शुरू कर देता है और ऋषियों मुनियों से कहता है कि वह उसकी पूजा करें। तब आकाशवाणी होती है कि हे रावण यह घड़ा जहां भी रखा जाएगा वहां पर अकाल पड़ जाएगा। यह सोचकर रावण वह घड़ा राजा जनक के राज जनकपुर में गढ़वा देता है। इसी घड़े से आगे चलकर सीता जी का जन्म होता है। कार्यक्रम के अंत में सभी ने प्रभु श्री राम जी के भजनों का गुणगान करके भक्तिमय माहौल बनाया। श्रीरामलीला का मंचन करते कलाकार। कार्यक्रम की शुरुआत करते प्रबंधक।


