भास्कर न्यूज | राजनांदगांव शहर में तहसीलदार और पटवारी के भू-अभिलेख यूजर आईडी हैक कर फर्जीवाड़ा करने का बड़ा मामला सामने आया है। हैकर ने लखोली में मौजूद 3 अलग-अलग जमीन के मालिक ही बदल दिए हैं। गंभीर बात यह है कि तीनों जमीन एक ही व्यक्ति के नाम पर चढ़ा दी गई है। इससे साफ है कि आईडी हैक करने का खेल पूरी योजना के साथ किया गया है। लेकिन मामले में इससे बड़ी लापरवाही भू-अिभलेख विभाग की सामने आई है। जिस पटवारी की आईडी हैक हुई है,उसने इसकी शिकायत तत्काल एसडीएम से की। इसके बाद शिकायत एसडीएम के माध्यम से भू-अभिलेख विभाग के संचालक तक भी पहुंच गई। लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद इस बड़े फर्जीवाड़े की जांच तक शुरु नहीं हो सकी है। जिस मोबाइल नंबर से आईडी को हैक किया गया है, वह भी प्रशासन की एनआईसी टीम ने भी ट्रेस कर लिया है। इसके बाद भी संबंधित मोबाइल नंबर के धारक पर कोई कार्रवाई विभाग ने नहीं की है। जिस व्यक्ति की जमीन से यह फर्जीवाड़ा किया गया है, उन्होंने बुधवार को प्रेसवार्ता की। इसके बाद मामले की शिकायत एसपी कर संबंधित मोबाइल नंबर के धारक पर अपराध दर्ज कर ने की भी मांग की है। मोबाइल नंबर 7000387873 के जरिए बदला गया रिकॉर्ड लखोली हल्के के पटवारी ने जब आईडी हैक होने की जानकारी एनआईसी को दी। तो सामने आया कि मोबाइल नंबर 7000387873 से पटवारी की यूजर आईडी को लॉगिन किया गया। इसके बाद इसी नंबर में तीन बार ओटीपी भी जारी हुआ। इसी ओटीपी के आधार पर मोबाइल नंबर के धारक ने लखोली के शैलेष कुमार जैन की अलग-अलग खसरे की तीन जमीन को राजेंद्र कुमार जैन के नाम पर ऑनलाइन रिकार्ड में दर्ज कर दिया गया है। मामले में अपराध दर्ज कर जांच की मांग ^ऐसी शिकायत सामने आई है, तो हम इसकी जांच कराएंगे। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। – डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, कलेक्टर इस सुनियोजित फर्जीवाड़े को पटवारियों के हड़ताल के दौरान अंजाम दिया गया है। दरअसल दिसंबर से जनवरी तक पटवारी ऑनलाइन कार्यो की जटिलता सहित अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर थे। इसी दौरान जमीन के मालिक शैलेष कुमार जैन ने अपने पिता की मृत्यु के चलते रिकार्ड दुरूस्तीकरण का आवेदन भू-अभिलेख शाखा में लगाया था। पटवारियों के हड़ताल का फायदा उठाकर मोबाइल नंबर 7000387873 से 3 से 6 जनवरी के बीच आईडी हैक पर फर्जीवाड़ा किया गया। जानिए, तहसीलदार की आईडी से ही एप्रूवल का सिस्टम निर्धारित मामले में गंभीर तथ्य यह सामने आया है कि फर्जीवाड़ा करने वाले ने सिर्फ पटवारी नहीं बल्कि तहसीलदार की आईडी से भी छेड़छाड़ किया है। दरअसल पटवारी जब ऑनलाइन रिकार्ड में अपनी यूजर आईडी से किसी जमीन के मालिक का नाम बदलते हैं,तो यह प्रक्रिया तहसीलदार के आईडी से एप्रुवल के बिना पूरी नहीं होती है। लेकिन तीनों जमीन में भू स्वामी का नाम दर्ज हो गया है। इससे साफ है कि इस फर्जीवाड़ा को पूरा करने के लिए तहसीलदार की यूजर आईडी को भी हैक किया गया है। फिलहाल प्रेसवार्ता के बाद मामला चर्चा में है।


