पंजाब के अमृतसर में वल्ला इलाके में बीते दिनों पुलिस सब इंस्पेक्टर सुबा सिंह घायल हो गए थे। कुछ दिन बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। शुक्रवार को सुबा सिंह का भोग समारोह रखा गया। कार्यक्रम शुरू हुई हुआ था कि वहां दमदमी टकसाल के नेता और कई निहंग जत्थेबंदियों के कार्यकर्ता पहुंच गए। उन्होंने भाेग समारोह को विरोध कर दिया। संदीप सन्नी जिंदाबाद और सुबा सिंह मुर्दाबाद के नारे लगाए। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया। इसके बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट हुआ और मौके पर भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया। पुलिस और निहंग जत्थेबंदी में धक्का मुक्की भी हुई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। फिलहाल, क्षेत्र में पुलिस तैनात है। यहां जानिए एसआई पर हमले का पूरा मामला… करीब 16 दिन पहले किया गया एसआई पर हमला : पटियाला की केन्द्रीय जेल में करीब 16 दिन पहले पुलिस के 3 पूर्व कर्मचारियों पर हिन्दू नेता सुधीर सूरी की हत्या के केस में जेल में बंद संदीप सन्नी ने अटैक कर दिया था। इसमें तीनों पूर्व कर्मचारी घायल हुए थे, उन्हें खून से लथपथ हालत में राजिंद्रा अस्पताल दाखिल करवाया गया था। इलाज के दौरान सूबा सिंह नौ दिन पहले दम तोड़ दिया था। पुलिस ने इस मामले में संदीप उर्फ सन्नी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया था। फर्जी एनकाउंटर केस में जेल काट रहे पूर्व कर्मचारी : पूर्व सब-इंस्पेक्टर सूबा सिंह, सेवा मुक्त डीएसपी गुरबचन सिंह और पूर्व इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह अलग-अलग केसों में सजा काट रहे थे। सूबा सिंह और गुरबचन सिंह फर्जी एनकाउंटर मामले में जेल काट रहे थे, जबकि इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह ड्रग मामले में जेल में बंद है। तीनों की संदीप उर्फ सन्नी के साथ किसी बात को लेकर बहसबाजी हुई थी, जिसके बाद सन्नी ने अकेले ही तीनों पर हमला कर दिया था। उसने तीनों पर नुकीली वस्तु से अटैक किया था। अमृतसर का रहने वाला था रोपी : पुलिस के मुताबिक, सुधीर सूरी की हत्या का आरोपी संदीप सन्नी अमृतसर का एक दुकानदार है, जिसकी दुकान उस जगह के पास ही थी, जहां सुधीर सूरी धरना दे रहे थे। 4 नवंबर 2022 को अमृतसर में गोपाल मंदिर के बाहर धरना प्रदर्शन के दौरान उसने शिवसेना (टकसाली) नेता सुधीर सूरी को गोली मार दी। घटना के तुरंत बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था और तभी से वह जेल में है। पुलिस के अनुसार, सन्नी एक कट्टरपंथी सिख युवक है। वह ‘वारिस पंजाब दे’ नामक संगठन का समर्थक भी बताया जाता है। हमले के बाद उसे पटियाला जेल से संगरूर जेल भेज दिया गया था। भोग समारोह में इस तरह हुआ हंगामा… शुक्रवार को भोग के वक्त निहंग : शुक्रवार को सुबा सिंह का भोग समारोह था। भोग के मौके पर दमदमी टकसाल के नेता भाई रणजीत सिंह, सिख स्टूडेंट फेडरेशन (भिंडरावाले) और कई निहंग जत्थेबंदियों के कार्यकर्ता पहुंचे। यहां उन्होंने सुबा सिंह के भोग का विरोध करते हुए संदीप सन्नी जिंदाबाद और सुबा सिंह मुर्दाबाद के नारे लगाए। सुबा सिंह पर लगाए आरोप : निहंग भाई रणजीत सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि “सुबा सिंह जैसे पुलिस अधिकारी अतीत में हजारों सिख नौजवानों के कत्लेआम में शामिल रहे हैं। ऐसे व्यक्ति का भोग हमारे शहीदों की बेअदबी है और इतिहास उन्हें कभी माफ नहीं करेगा”। उन्होंने कहा कि वे इस तरह के भोग समारोह को स्वीकार नहीं कर सकते। पुलिस बल से की धक्का-मुक्की : इसी सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया और मौके पर भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया। इसके बाद पुलिस और निहंग जत्थेबंदी आमने-सामने आ गए। उनके बीच हल्की धक्का मुक्की भी हुई। अंत में पुलिस की तरफ से अतिरिक्त पुलिस बल बुला आरोपियों को हिरासत में लिया गया।


