बूंदी कलेक्टर अक्षय गोदारा ने शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में ग्रामीण व शहरी सेवा शिविरों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिला कलेक्टर ने फार्मर रजिस्ट्री कैंप में पटवारियों के माध्यम से अधिक से अधिक पंजीकरण करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शेष बची गिरदावरी को भी शीघ्र पूरा करने, मूलनिवास, जाति प्रमाण पत्र और लंबित नामांतरण के आवेदनों का तत्काल निपटारा करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता के बेहतर प्रयास करने पर जोर दिया, ताकि धरातल पर किए जा रहे कार्य स्पष्ट रूप से दिखाई दें। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर शौचालय बनवाने के प्रस्ताव भी भिजवाने को कहा। विश्वकर्मा योजना में लंबित आवेदनों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए गए, ताकि पात्र लोगों को योजना का उचित फायदा मिल सके। उन्होंने आभा आईडी, आयुष्मान कार्ड, एएनसी चेकअप, माँ वाउचर और निक्षय मित्र सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं में प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। शिविर में आने वाले लोगों की संभावित रोगों की जांच के लिए स्क्रीनिंग बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। जिला कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से शिविरों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करवाने के निर्देश दिए, ताकि आमजन में जागरूकता बढ़े और वे शिविरों का लाभ उठा सकें। उन्होंने विद्युत विभाग को लाइन शिफ्टिंग, ढीले तारों को कसने, ट्रांसफॉर्मर बदलने और टेढ़े विद्युत पोलों को दुरुस्त करने सहित अन्य विभागीय कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने फसल बीमा योजना, क्रॉप कटिंग प्रयोग, पेंशन सत्यापन, आधार सीडिंग, ई-केवाईसी और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लंबित आवेदनों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने को कहा। इसके अतिरिक्त, एसडीआरएफ नियमों के तहत होने वाले मरम्मत कार्यों की सूची तत्काल तैयार कर भिजवाने के निर्देश दिए गए। इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि वर्मा, उपखण्ड अधिकारी बून्दी लक्ष्मीकान्त मीणा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी सामर, एसई पीएचईडी सुनील कुमार शर्मा और नगर परिषद आयुक्त धर्मेन्द्र मीणा सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।


