पंजाब में बाढ़ के बाद किसान मेला:किसानों को उम्मीद निकलेगा कोई हल,पूरे प्रदेश से पहुंच रहे लोग

पंजाब के कई जिले बाढ़ की चपेट में आए हुए है। बाढ़ के बाद अब लुधियाना में पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (PAU) में किसान मेले का आयोजन किया हुआ है। मेले में जिला लुधियाना के आस-पास जिन गांवों में पानी आया था वहां के किसान ज्यादा आ रहे है। बाकी पंजाब भर में जहां बाढ़ आई है वहां पहले से ही कृषि माहिर किसानों को फसलों संबंधी सुझाव देने के लिए पहुंचे हुए है। इस बार मेले का थीम “खेती से उत्पाद बनाएं, आय बढ़ाएं” रखा गया। मेले में किसानों ने बाढ़ से उत्पन्न चुनौतियों पर चर्चा की और कृषि आय बढ़ाने के लिए विशेषज्ञों से समाधान प्राप्त किए। हालांकि, इस बार मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया गया। बाढ़ के कारण किसानों की समस्याओं जैसे फसल नुकसान, मिट्टी का कटाव, मशीनरी की बर्बादी और पशुधन संकट पर गंभीर चर्चा हुई। इसके बावजूद किसानों में आत्मनिर्भरता और नवाचार को लेकर उत्साह देखा गया। 5 लाख एकड़ जमीन और फसलें बर्बाद
PAU के कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने बताया कि बाढ़ के कारण रावी नदी के उफान से 5 लाख एकड़ जमीन, मशीनरी, पशुधन और खाद्यान्न बर्बाद हो गए। उन्होंने चेतावनी दी कि सिल्ट जमाव के कारण अगली फसल चक्र पर भी असर पड़ेगा। पंजाब में 35 बीज केंद्र स्थापित किसानों की मदद के लिए PAU ने अपने शिक्षण और गैर-शिक्षण स्टाफ के योगदान से सब्सिडी पर गेहूं के बीज उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि पंजाब में 35 बीज केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां किसान आसानी से बीज प्राप्त कर सकते हैं। डॉ. गोसल ने किसानों को GNSS-आधारित ऑटो स्टीयरिंग सिस्टम, सेंसर-आधारित सिंचाई और पुआल प्रबंधन के लिए सतह बीजक जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने बुजुर्ग किसानों से अपील की कि वे युवाओं को विदेश जाने के बजाय कृषि में बने रहने के लिए प्रेरित करें। PBW 872 गेहूं का रुझान ज्यादा PAU के अनुसंधान निदेशक डॉ. एएस धत्त ने PBW 872 गेहूं, PL 942 जई, SML 2575 समर मूंग और पंजाब आलू 103 व 104 जैसी नई फसल किस्में पेश कीं। उन्होंने कम पानी वाली फसलों की ओर शिफ्ट होने और बकरी पालन जैसे एकीकृत कृषि प्रणालियों को अपनाने पर जोर दिया। PBW 872 गेहूं की किस्म से 24.5 क्विंटल झाड़ निकल रहा है। मेले में पांच प्रगतिशील किसानों को उनके योगदान के लिए प्रवासी भारती अवॉर्ड, सरदार दलिप सिंह धालीवाल मेमोरियल अवॉर्ड और सरदारनी जगबीर कौर ग्रेवाल मेमोरियल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *