सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति के सहयोग से पूरे भारतवर्ष में “मीडिएशन फॉर नेशन अभियान” की शुरुआत की गई है। इसके तहत राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के तत्वाधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ब्यावर द्वारा 24 से 26 सितम्बर तक विशेष मध्यस्थता शिविर आयोजित किए गए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ब्यावर के अध्यक्ष दिनेश कुमार गुप्ता द्वारा न्यायक्षेत्र में इस अभियान की सफलता सुनिश्चित करने हेतु व्यापक कार्ययोजना बनाई गई। 24 सितम्बर को अभियान का शुभारंभ किया गया। इस दौरान जिला बार एसोसिएशन, ब्यावर के अध्यक्ष दिलीप सिंह गौरा, सचिव नरेन्द्र शर्मा सहित अधिवक्ताओं ने भी मामलों के निस्तारण में सहयोग दिया। मध्यस्थता केंद्रों पर कोर्ट कर्मचारी, अधिवक्ता, सेवानिवृत्त अधिकारी, आशा सहयोगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सी.एल.जी. सदस्य, सुरक्षा सखी, ग्राम रक्षक एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही। इनकी मदद से पक्षकारों के बीच आपसी समझौते कराए गए, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिली। अभियान के दौरान ब्यावर जिला न्यायक्षेत्र में 500 से अधिक लंबित प्रकरणों का आपसी सहमति से सफल निस्तारण किया गया। इनमें पति-पत्नी, ताऊ-भतीजा, भुआ-भतीजा, भाई-बहन तथा अन्य रिश्तेदारों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद शामिल थे। समझाईश के माध्यम से पक्षकारों को राजीनामे पर सहमत कर स्थायी समाधान उपलब्ध कराया गया।
ब्यावर जिला मुख्यालय स्थित अंबेडकर भवन और एस.डी. कॉलेज में मध्यस्थता केंद्र संचालित हुए, वहीं न्यायक्षेत्र के अन्य स्थानों पर भी विशेष शिविर लगाए गए। तीनों दिन बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। पक्षकारों ने मध्यस्थता के इस माध्यम को तेज, सरल, निशुल्क और स्थायी समाधान का बेहतरीन विकल्प बताया।
शिविरों में आने वाले सभी पक्षकारों एवं सहयोगी सदस्यों के लिए निशुल्क चाय-नाश्ता एवं भोजन की व्यवस्था भी की गई। यह अभियान न्याय विभाग, प्रशासन और पुलिस का एक अनूठा संयुक्त प्रयास रहा, जिससे आमजन को यह सीख भी मिली कि संवाद, सहयोग और मध्यस्थता के जरिए भी विवादों का स्थायी समाधान संभव है।


