गुरजीत सिंह औजला, लोकसभा सांसद, ने आज जिला विकास, समन्वय एवं मूल्यांकन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जिले में चलाई जा रही ‘सांझा उपराला’ मुहिम के तहत बाढ़ प्रभावित स्कूलों में नए पानी के बोर लगाने के लिए हर स्कूल को सांसद निधि (MP-LAD) से 50-50 हजार रुपए दिए जाएंगे। मीटिंग को संबोधित करते हुए औजला ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की सहायता करना हम सभी का फर्ज है। कहा कि इस समय सबसे बड़ी जरूरत यही है कि हम पीड़ित लोगों का साथ दें और उन्हें दोबारा बसने में मदद करें। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें और किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करें। यह भी निर्देश दिए कि बाढ़ के दौरान जिन किसानों की मोटरें खराब हो गई हैं, उनका सर्वे करवाया जाए ताकि उनकी मरम्मत करवाई जा सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कार्य तय समय में पूरे किए जाएं। 15 अक्टूबर तक सड़कों मरम्मत होगी मीटिंग के दौरान नेशनल हेल्थ मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधान कौशल विकास योजना, सॉयल हेल्थ कार्ड योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ समेत अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मीटिंग को संबोधित करते हुए नगर निगम के मेयर जतिंदर सिंह मोती भाटिया ने कहा कि 15 अक्टूबर तक शहर की सभी सड़कों की मरम्मत कर दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ के दौरान प्राप्त मशीनरी की समुचित देखरेख सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में ज़रूरत पड़ने पर उसका उपयोग किया जा सके। पुनर्वास के प्रयास लगातार जारी इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर मैडम साक्षी साहनी ने बताया कि ‘मिशन सांझा उपराला’ के तहत जिला प्रशासन द्वारा स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से बाढ़ पीड़ित परिवारों के पुनर्वास के प्रयास लगातार जारी हैं ताकि उन्हें दोबारा आत्मनिर्भर बनाया जा सके।इस मौके पर नगर निगम कमिश्नर बिक्रमजीत सिंह शेरगिल, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर श्रीमती परमजीत कौर, एस.डी.एम. अजनाला रविंदर सिंह, एस.डी.एम. लोपोके संजीव कुमार, डी.सी.पी. विजय आलम सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।


