हजारीबाग के कालीबाड़ी में जय मां काली दुर्गा पूजा समिति का पंडाल इस वर्ष अपनी अनोखी थीम के कारण लोगों का मुख्य आकर्षण बना हुआ है। समिति ने इस बार मां के सम्मान और समाज में उनकी अहम भूमिका को केंद्र में रखकर पंडाल सजाया है। पंडाल के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि एक मां किस प्रकार गर्भधारण से लेकर नौ महीने तक बच्चे को कोख में पालती है। जन्म के बाद वह कठिन आर्थिक व सामाजिक परिस्थितियों में भी उसका पालन-पोषण करती है। इसके बावजूद, बड़े होने पर बच्चे कई बार मां की उपेक्षा करने लगते हैं। इस भावनात्मक संदेश को मूर्तियों और कलात्मक सज्जा के जरिए जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है। जीवन की हर परिस्थिति में मां का सम्मान और सेवा करना सबसे बड़ा कर्तव्य समिति के अध्यक्ष आनंद देव ने बताया कि जिस तरह नवरात्रि में मां के नौ रूपों की पूजा की जाती है, उसी तरह एक मां भी नौ महीने तक गर्भ में बच्चे को धारण कर उसे जन्म देती है। यह थीम विशेष रूप से युवाओं को यह सीख देने के उद्देश्य से बनाई गई है कि जीवन की हर परिस्थिति में मां का सम्मान और सेवा करना सबसे बड़ा कर्तव्य है। पंडाल देखने पहुंची महिलाएं भी इस पहल से काफी प्रभावित दिखीं। उन्होंने कहा कि यह संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचना चाहिए, ताकि कोई भी मां वृद्धाश्रम जाने को मजबूर न हो। सप्तमी के दिन उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने भी पंडाल पहुंचकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने समिति की थीम और इसके माध्यम से दिए जा रहे संदेश की सराहना की। दुर्गा पूजा के अवसर पर हजारीबाग में इस तरह के सामाजिक संदेश वाले पंडाल लोगों में नई सोच जगा रहे हैं। ये पंडाल माता-पिता, विशेषकर मां के प्रति कर्तव्य निभाने की प्रेरणा दे रहे हैं।


