यूपी में 39 करोड़ बीमा के लिए पिता का मर्डर:मां की भी हत्या की; पत्नी की मौत के बाद भी इंश्योरेंस के 80 लाख लिए

हापुड़ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने दोस्त के साथ मिलकर माता-पिता की हत्या कर दी, फिर उनकी मौत को सड़क हादसा दिखाया। 2017 में उसने मां की हत्या की और उनके नाम पर एक कंपनी से 22 लाख रुपए बीमा क्लेम वसूला। एक साल पहले उसने पिता की हत्या की और बीमा कंपनियों से 39 करोड़ रुपए का क्लेम किया। एक कंपनी ने उसे डेढ़ करोड़ रुपए भी दे दिए, लेकिन निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी ने पैसे देने से पहले जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि आरोपी ने अलग-अलग जगहों से 50 से अधिक बीमे करवाए थे। कंपनी ने गहराई से पड़ताल की तो पता चला कि पिछले 8 साल में उसकी पत्नी और माता-पिता की मौत अलग-अलग हादसों में दिखाई गई थी। इसके बाद शक और गहरा हो गया। कंपनी ने पिता की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अस्पताल रिकॉर्ड की मिलान की। दोनों रिपोर्ट में चोटें भी आपस में मेल नहीं खा रही थीं। शक के आधार पर कंपनी ने हापुड़ में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने रविवार को आरोपी विशाल सिंघल और उसके दोस्त को गिरफ्तार किया। विशाल से सख्ती से पूछताछ की। इसमें उसने माता-पिता की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया। अब पुलिस उसकी पत्नी की मौत की भी जांच कर रही है। दरअसल, पत्नी की मौत के बाद भी उसने बीमा कंपनी से 80 लाख रुपए लिए थे। दोनों आरोपी मेरठ के रहने वाले हैं। पूरा मामला जानिए मेरठ के गंगानगर के रहने वाले मुकेश सिंघल फोटोग्राफर थे। उनकी मेरठ बाजार में फोटो स्टूडियो था। उनकी पत्नी प्रभा देवी हाउसवाइफ थीं। उनका इकलौता बेटा विशाल है। FIR के मुताबिक, 2024 में आरोपी ने 39 करोड़ रुपए का बीमा क्लेम किया। इसमें बताया गया कि उसके पिता मुकेश सिंघल की हादसे में मौत हो गई। 27 मार्च 2024 को दोपहर गढ़ गंगा से लौटते वक्त अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी, जिसमें उनकी मौत हो गई। बीमा की राशि देने से पहले कंपनी ने जांच शुरू की। इसमें पता चला कि 8 साल में उसकी पत्नी, मां और पिता की मौत हुई। 2016 में उसकी पत्नी और 2017 में मां की मौत हुई। उसे पत्नी की मौत के बाद 80 लाख और मां की मौत के लिए 22 लाख रुपए मिले। इसके बाद कंपनी ने गहराई से जांच शुरू की। पता चला कि आरोपी ने क्लेम में पत्नी और मां की मौत सड़क हादसे के कारण बताई थी। पिता के नाम पर 50 से अधिक बीमा करवाया था कंपनी के एआर (अधिकृत प्रतिनिधि) संजय कुमार ने बताया- जांच में पता चला कि मुकेश सिंघल निवा बूपा के साथ-साथ टाटा एआईजी, मैक्स लाइफ, टाटा एआईए, आदित्य बिड़ला, एचडीएफसी एर्गो सहित 50 से ज्यादा कंपनियों के बीमा पॉलिसी धारक थे। उनकी सालाना आय 12 से 15 लाख रुपए थी, जबकि कुल बीमा क्लेम करीब 39 करोड़ रुपए था। संजय कुमार ने बताया कि विशाल कुमार ने क्लेम में दावा किया था कि उसने सड़क हादसे में पिता को आनंद अस्पताल में भर्ती करवाया था। अस्पताल और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की चोटें भी आपस में मेल नहीं खा रही थीं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण मौत से पहले लगी चोट बताया गया, जो सड़क हादसे से बिल्कुल अलग थी। डॉक्यूमेंट्स न देने कंपनी को शक हुआ
संजय कुमार ने बताया कि विशाल ने जांच के दौरान सहयोग नहीं किया। कई अहम दस्तावेज उपलब्ध कराने से बचते रहे। उन्होंने बीमा कंपनी के एक अधिकारी को रिश्वत देने की भी कोशिश की, ताकि क्लेम जल्द पास हो जाए। इससे उनके धोखाधड़ी में शामिल होने की आशंका और गहरी हो गई। गवाहों को पैसे देकर बयान दिलवाए
पड़ोसियों ने पहले विशाल की कहानी का समर्थन किया, लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि गवाहों को पैसे देकर बयान दिलवाए गए। इसके अलावा आरोपी के आधार और पैन कार्ड में उम्र से जुड़े झोल मिले, जो आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते। हादसे में शामिल वाहन और उसके कागजात भी आरोपी ने नहीं दिखाए। जांच में यह भी सामने आया कि मुकेश सिंघल को पहले नवजीवन अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन बेटे ने इसे छुपाया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना सार्वजनिक स्थान पर बताई गई, लेकिन न तो कोई चश्मदीद गवाह है और न ही मीडिया रिपोर्ट। शक के आधार पर पहले मेरठ में शिकायत की। वहां केस दर्ज होने पर हापुड़ कोतवाली पहुंचे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज कराई। पड़ोसी बोले- पुलिस वाले फॉर्च्यूनर ले गए दैनिक भास्कर की टीम सोमवार को विशाल के घर पहुंची। उसके घर पर ताला लटका मिला। हमने पड़ोसियों से बात की। उन्होंने बताया- पुलिस आई थी। विशाल की फॉर्च्यूनर को लेकर गई। तब जाकर हमें घटना के बारे में पता चला। पत्नी की मौत के बाद 2 महिलाओं को घर लाया, दोनों छोड़कर चली गईं
विशाल के बारे में पूछने पर पड़ोसियों ने बताया- उसकी पहली पत्नी मेरठ के मवाना की रहने वाली थी। उसकी 8 साल पहले मौत हो गई थी। इसी पत्नी से विशाल का बेटा संस्कार है। पहली पत्नी की मौत के बाद विशाल किसी दूसरी महिला को घर ले आया। उस महिला के दो बच्चे भी थे, लेकिन कुछ समय बाद उसका विशाल से झगड़ा हो गया। वो महिला अपने बच्चों के साथ विशाल को छोड़कर चली गई। उसके छह महीने बाद विशाल किसी तीसरी महिला को घर ले आया, जिसकी एक लड़की थी। कुछ दिनों पहले वह भी छोड़कर चली गई। ससुरालवालों के मकान पर कब्जा किया था
पड़ोसियों ने बताया कि विशाल ने पहले अपने ससुरालवालों का यह मकान कब्जाया। इसके बाद अब वह अपने ससुरालियों के एक स्कूल को भी हड़पना चाहता था। विशाल की फोटोकॉपी की दुकान थी। उसके दोस्त की ‘मीरा लेडीज टेलर’ नाम से दुकान है। दोनों की दुकानें अगल-बगल में हैं। यहीं से दोनों की दोस्ती हुई थी। ——————————————————————– ये खबर भी पढ़ेंः- प्रयागराज के इंजीनियर ने पत्नी की हत्या करके फांसी लगाई:सुसाइड से पहले दोस्त को VIDEO भेजा, दोनों गुरुग्राम में जॉब करते थे प्रयागराज के इंजीनियर ने पत्नी की दुपट्‌टे से गला घोंटकर हत्या की, फिर खुद भी सुसाइड कर लिया। दोनों एक ही कंपनी में इंजीनियर थे। हरियाणा के गुरुग्राम में रविवार देर शाम की घटना है। पति-पत्नी के बीच झगड़े के बाद बात हत्या और सुसाइड तक पहुंच गई। पढ़ें पूरी खबर…

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