नैला में म्यांमार के श्वेत मंदिर की थीम पर पंडाल:35 फीट ऊंची मां दुर्गा की रत्नों से सजी प्रतिमा, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

जांजगीर-चांपा के नैला में इस वर्ष दुर्गा पूजा उत्सव के लिए म्यांमार के सुप्रसिद्ध श्वेत मंदिर की प्रतिकृति का भव्य पंडाल बनाया गया है। 140 फीट ऊँचा और 150 फीट चौड़ा यह पंडाल श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र है। श्रीश्री दुर्गा पूजा उत्सव सेवा समिति नैला द्वारा आयोजित यह 42वां वर्ष है। पंडाल के भीतर मां दुर्गा की 35 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है, जिसे हीरे, मोती और रत्नों से अलंकृत किया गया है। इस भव्य प्रतिमा की पृष्ठभूमि अक्षरधाम मंदिर के गुंबदों और शीशमहल की शैली में निर्मित की गई है, जो एक दिव्य आभा प्रदान करती है। आयोजन में अंतरराष्ट्रीय कलाकारों द्वारा विशेष लेजर शो और लाइटिंग प्रभाव का समावेश किया गया है। आध्यात्मिक संगीत और प्रकाश की लहरें श्रद्धालुओं को एक दिव्य अनुभव प्रदान करेंगी, जो श्रद्धा और संस्कृति का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है। सुरक्षा के लिए पंडाल पर 100 सीसीटीवी कैमरे लगे श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आयोजन समिति ने विशेष प्रबंध किए हैं। पंडाल के आसपास 100 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और 200 स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। डिजिटल निगरानी, स्वच्छता व्यवस्था, स्वयंसेवक सहायता केंद्र और चिकित्सा आपातकालीन सेवाएं चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगी। नैला दुर्गोत्सव में हर साल मां दुर्गा की प्रतिमा और पंडाल की भव्यता श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहती है। पूर्व में हीरे-मोती, नवरत्नों से जड़ित प्रतिमाएं या 50, 200, 500 एवं 2000 रुपए के नए नोटों से सुसज्जित मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की जा चुकी हैं। पिछले वर्षों में अयोध्या की राममंदिर, दिल्ली अक्षरधाम मंदिर और बाहूबली फिल्म की माहेष्मति महल की आकृति का पंडाल बनाया गया था। वहीं पिछले वर्ष बैंकाक (थाईलैंड) के विश्व प्रसिद्ध वाट अरूण यानि भोर का मंदिर की प्रतिकृति का भव्य पंडाल का निर्माण कराया गया था।

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