2 कर्मचारियों को जिंदा जलाने वाले 5 आरोपियों को उम्रकैद:बालाघाट कोर्ट का 9 साल बाद फैसला, ₹43,000 का जुर्माना भी लगाया

बालाघाट जिला एवं सत्र न्यायालय ने टेमनी में दो लोगों को जिंदा जलाकर मारने के मामले में पांच आरोपियों को उम्रकैद और ₹43,000 जुर्माना लगाया। यह फैसला सोमवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सुनाया। सज़ा पाने वालों में आरोपी पिता, उसके दो बेटे और दो रिश्तेदार शामिल हैं। जिला अभियोजन अधिकारी कपिल कुमार डहेरिया ने बताया कि घटना 5 जून 2016 की है। किशनलाल राठौर की बेटी की शादी में महाराष्ट्र से बारात आई थी। रात के समय संजय राठौर शराब लेने शराब दुकान पर गया, जहां शराब की कीमत को लेकर उसका सेल्समैन से विवाद हो गया। इस मामूली विवाद के बाद संजय राठौर लगभग 100 से 150 लोगों की भीड़ को लेकर शराब भट्टी पहुंचा। संजय और उसके भाई-रिश्तेदारों ने सेल्समैन रामविलास यादव और हेल्पर अमरेन्द्र सिंह को शराब दुकान में बंद कर दिया। उन पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी गई, जिससे दोनों कर्मचारियों की जिंदा जलने से मौत हो गई थी। आरोपियों ने महिला कुंती बाई को भी कर्मचारियों को छिपाने का आरोप लगाते हुए लट्ठ से मारा था और पूरी शराब भट्ठी को आग के हवाले कर दिया था। 23 आरोपी हुए बरी, 5 को सज़ा इस मामले में लांजी पुलिस ने 25 नामजद आरोपी सहित 100 अन्य व्यक्तियों पर मामला दर्ज किया था। हालांकि, 30 नामजद लोगों को ही आरोपी बनाया गया था। अभियोजन अधिकारी ने बताया कि सुनवाई के दौरान दो आरोपियों की मौत हो गई, जबकि शेष 23 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। न्यायालय ने प्रकरण में उपलब्ध सकारात्मक साक्ष्य के आधार पर संजय राठौर, शंकरलाल राठौर, विजय राठौर, सुरेश बोरले और मोतीराम राठौर (पिता) को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सज़ा सुनाई। आरोपी पिता सहित ये पांचों आरोपी सोमवार को आए इस फैसले में उम्रकैद और अर्थदंड से दंडित किए गए।

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