भोपाल के रवींद्र भवन में चल रही रामलीला का 29 सितंबर सोमवार को श्री राम के राज्याभिषेक के साथ समापन हो गया। रामलीला में मुख्यमंत्री को शामिल होना था लेकिन किसी कारण से वह उपस्थित नहीं हो पाए। उत्सव का समापन माननीय राज्यमंत्री (पिछड़ा वर्ग) कृष्णा गौर और संचालक एनपी नामदेव की उपस्थिति में हुआ। सोमवार को रामलीला में कुंभकरण के वध से लेकर मेघनाथ और रावण के वध की प्रस्तुति दिखाई गई। आखिरी दिन कलाकारों ने कुंभकर्ण, मेघनाद, अहिरावण और रावण वध के दृश्यों का सफल मंचन किया, जो असत्य पर सत्य की विजय को दर्शाता है। चित्रकूट के श्रीलीला गुरुकुल संस्थान के कलाकारों ने पारंपरिक कथा को आधुनिक प्रस्तुति और उत्कृष्ट अभिनय के साथ पेश किया, जिसका निर्देशन श्री रामचंद्र सिंह ने किया। कार्यक्रम के संचालक एनपी नामदेव ने बताया कि रामलीला में सभी के आदर्श श्री राम की रामकथा के प्रसंगों की अलग-अलग प्रस्तुतियां रही हैं। पार्टिसिपेंट्स ने पारंपरिक पोशाक पहनकर रामलीला उत्सव में भाग लिया। उन्होंने बताया कि हमारा उद्देश्य श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना है।


