भोपाल में स्किल डेवलपमेंट को लेकर सोमवार को संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क में वर्कशॉप का आयोजन हुआ। NCVET के कार्यक्रम में चार राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यशाला में सभी स्किल प्रोवाइडर्स या ट्रेनर्स, जिन्हें अवॉर्डिंग बॉडीज कहते हैं, उनको रिकोग्नाइज्ड करने पर चर्चा हुई। वर्कशॉप का फोकस देश में स्किलिंग को लेकर एक जैसा सिस्टम तैयार करने पर रहा। स्किल्स सीखने पर सर्टिफिकेट मिलेगा NCVET (नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग) के डायरेक्टर पूर्णेन्दु कांत ने बताया की जैसे यूनिवर्सिटी का रोल है, वैसे ही अवॉर्डिंग बॉडीज का रोल है, जिसे NCVET रेकग्नाइज करेगी। इसकी वजह से स्किल सीखने वाले युवाओं को उनका क्रेडिट या सर्टिफिकेशन मिलेगा। साथ ही कंपनियों को अलग-अलग सेक्टर में स्किल्ड लोग मिलेंगे। मल्टीपल इंट्री, मल्टीपल एग्जिट पर जोर नए प्रोग्राम लाने पर डायरेक्टर पूर्णेन्दु ने कहा कि सबसे पहले फोकस है इम्प्लीमेंट करने पर है। जब तक पहले से मौजूद प्रोग्राम्स को ठीक से लागू नहीं करेंगे, तब तक नई योजनाएं लाने का कोई मतलब नहीं है। साथ ही मॉनिटरिंग का काम भी कर रहे हैं। मल्टीपल इंट्री, मल्टीपल एग्जिट पर काम हो रहा है। अभी पॉलिटेकनिक से निकले बच्चे ग्रेजुएशन कर सकते हैं या ग्रेजुएशन से निकले बच्चे पॉलिटेकनिक कर सकते हैं। एकेडमी के साथ-साथ बच्चे स्किल्स के सर्टिफिकेशन कोर्स करें, इस पर फोकस है।


