दुर्ग-भिलाई में दशहरा उत्सव की तैयारियों के मद्देनजर सोमवार को पुलिस कंट्रोल रूम में दशहरा समितियों की बैठक हुई। प्रशासन ने समितियों को सुरक्षा संबंधी कड़े निर्देश दिए। जिसमें भीड़ नियंत्रण और सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न समितियों के पदाधिकारियों ने शांतिपूर्ण और सुरक्षित उत्सव सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इस बैठक की अध्यक्षता एएसपी शहर सुखनंदन राठौर ने की। इसमें सीएसपी भिलाई नगर सत्यप्रकाश तिवारी, तहसीलदार डिकेश्वर साहू और थाना प्रभारी भिलाई नगर प्रशांत मिश्रा भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सभी समितियों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के लिए दिशा-निर्देश दिए। एंट्री और एग्जिट के अलग-अलग होंगे गेट प्रशासन ने स्पष्ट किया कि उत्सव स्थलों पर भीड़ नियंत्रण सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इसके लिए प्रवेश और निकास द्वार अलग-अलग रखने की व्यवस्था करनी होगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की तैनाती अनिवार्य की गई है। इसके अलावा, अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जैसे फायर एक्सटिंगिवीशर और पानी की टंकियां भी आयोजन स्थल पर उपलब्ध रहनी चाहिए। बैठक में यह भी तय किया गया कि, पूरे आयोजन स्थल की उचित बैरिकेडिंग की जाएगी। जिससे भीड़ के दबाव को नियंत्रित रखा जा सके। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सभी समितियों को सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि ये कैमरे न केवल भीड़ पर नजर रखेंगे, बल्कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में पुलिस को त्वरित कार्रवाई करने में सहायता करेंगे। कार्यक्रमों को निर्धारित समय सीमा के भीतर ही संपन्न करने पर विशेष जोर दिया गया। यह कदम देर रात तक चलने वाले आयोजनों से बचने और ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस बैठक में उपस्थित समितियों के पदाधिकारियों ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि वे सभी दिशा-निर्देशों का पालन करेंगे। दशहरा उत्सव को सुरक्षित और अनुशासित तरीके से संपन्न कराएंगे। अधिकारियों ने कहा कि, दशहरा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का भी प्रतीक है। इसलिए हर समिति की यह जिम्मेदारी है कि वह अपने-अपने आयोजन स्थल पर अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखे।


