लुधियाना का भारत नगर चौक जो कभी शहर की ऐतिहासिक पहचान और शहीद मेजर भूपिंदर सिंह एमवीसी की स्मृति का प्रतीक था आज विवादों में घिर गया है। पब्लिक एक्शन कमेटी मत्तेवाड़ा ने आरोप लगाया है कि प्रशासन और निजी कंपनी हीरो साइकिल्स की मिलीभगत से इस चौक की असली पहचान को मिटाया जा रहा है। पीएसी के मेंबरों ने बताया कि चौक पर लगी मेजर भूपिंदर सिंह की प्रतिमा और कब्जे में लिया गया टैंक अचानक हटा दिए गए हैं। उनकी जगह हीरो साइकिल्स का मॉडल और प्रतीक चिन्ह स्थापित कर दिया गया है। धीरे-धीरे चौक का नाम भी “भारत नगर चौक” बदलकर “जो शहीदों के सम्मान के साथ नाइंसाफी है। संगठन ने इस बात पर भी कड़ी आपत्ति जताई कि चौक पर लगाए गए साइनेज पर पंजाबी भाषा का प्रयोग नहीं किया गया। यह पंजाब सरकार की आधिकारिक भाषा नीति और पंजाबियों के सांस्कृतिक अधिकारों का उल्लंघन है। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के 2013 के आदेश के बावजूद सार्वजनिक चौक पर निजी ब्रांडिंग और ऊंची संरचनाएं लगाई गईं, जो कानून और इंजीनियरिंग मानदंडों दोनों का उल्लंघन है। PAC मैंबरों ने कहा – “शहीदों को याद किया जाना चाहिए, न कि उनकी जगह ली जानी चाहिए।” पीएसी ने नगर आयुक्त और हीरो साइकिल्स प्रबंधन को कानूनी नोटिस भेजने की तैयारी कर ली है और तीन प्रमुख मांगें रखी हैं: कॉर्पोरेट ब्रांडिंग हटाकर चौक का मूल नाम भारत नगर चौक बहाल किया जाए।शहीद मेजर भूपिंदर सिंह एमवीसी और टैंक को चौक पर पुन स्थापित किया जाए।सभी सार्वजनिक संकेतों में पंजाबी भाषा का प्रयोग अनिवार्य किया जाए।
मेजर भूपिंदर सिंह की 60वीं शहादत वर्षगांठ पर 3 अक्टूबर 2025 को सुबह 11 बजे, पीएसी ने सभी नागरिकों, पूर्व सैनिकों, छात्रों और सामाजिक संगठनों से भारत नगर चौक पर एकत्रित होने का आह्वान किया है। यह समागम शहर के असली नायक को सम्मान दिलाने और चौक की ऐतिहासिक पहचान की रक्षा के लिए सामूहिक आवाज़ बनेगा।


