सूटकेस में मिला कटा शव:वर्धमान ग्रुप के चेयरमैन से ठगी के आरोपी फरार

भास्कर न्यूज|लुधियाना साल 2024 लुधियाना पुलिस के लिए एक चुनौतीपूर्ण वर्ष साबित हुआ। इस वर्ष कई बड़ी घटनाएं घटीं, जिनमें से कुछ में पुलिस को सफलता मिली, जबकि कई मामलों में पुलिस आज तक कोई ठोस सुराग नहीं जुटा पाई। इनमें से कुछ मामलों की जांच शुरू हुई, लेकिन कई बार वह सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई। पुलिस कुछ केसों में तो ऐसी उलझी रही कि आज तक यह पता नहीं चला कि आरोपी कहां है या घटना का कारण क्या था। इस साल कई घटनाओं ने पुलिस को नई चुनौतियां दीं और अब यह देखना दिलचस्प होगा कि 2025 में पुलिस इन अनसुलझे मामलों का समाधान कैसे करती है। इसमें कुछ प्र​मुख केस सूटकेस में मिला शव, ज्योति हत्याकांड, संजय तलवार की कार पर फायरिंग, ओसवाल से ठगी आदि कई ऐसे मामले हैं, जिसको पुलिस सुलझाने की कोशिश में अभी भी लगी है। अप्रैल महीने में शेरपुर के पास रेलवे ट्रैक पर सूटकेस से एक व्यक्ति का टुकड़ों में कटा हुआ शव बरामद हुआ था। शव के 6 टुकड़े किए गए थे और चेहरे को पूरी तरह से विध्वस्त कर दिया गया था। पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन आज तक यह नहीं पता चल पाया कि शव किसका था, वह कहां से आया था और सूटकेस रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंचा। यह मामला अब भी अनसुलझा है। अक्टूबर महीने में पूर्व विधायक संजय तलवाड़ की कार पर गोलियां चलाई गईं। पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि गोलीबारी किसने की और क्यों की। शुरुआत में पुलिस ने यह दावा किया कि किसी शादी समारोह में हुई हवाई फायरिंग की गोली कार की खिड़की पर लगी थी। हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि पुलिस ने शादी समारोहों में गोलीबारी को प्रतिबंधित किया हुआ है, फिर भी यह घटना अब तक अनसुलझी है। सितंबर महीने में वर्धमान टेक्सटाइल ग्रुप के चेयरमैन एसपी ओसवाल से साइबर ठगों ने 7 करोड़ रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने 22 दिन तक जांच करने के बाद ठगों के दो सदस्यों को असम से गिरफ्तार किया और 5.25 करोड़ रुपये बरामद किए। हालांकि, इस ठगी के मुख्य आरोपी असम निवासी निम्मी भट्टाचार्या, संजय सूत्राधार, रूमी, जिक्र और पश्चिम बंगाल निवासी आलोक रंगी और गुलाम मोतर्बा सरगना अभी तक फरार हैं। पुलिस आज तक इन आरोपियों का पता नहीं लगा पाई। अक्टूबर में 21 वर्षीय ज्योति का शव उसके पड़ोसी के किचन कपबोर्ड में मिला। शव की स्थिति इतनी खराब थी कि उससे बदबू आ रही थी। पुलिस ने विश्वनाथ नामक आरोपी पर केस दर्ज किया, लेकिन वह फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए मुंबई, यूपी और मोगा में रेड की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। ज्योति के परिवार का कहना है कि आरोपी मराठी है, लेकिन पुलिस अब तक उसकी पहचान तक नहीं कर पाई। इस मामले में भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है।

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