बॉयफ्रेंड ने किया मर्डर या परिवार ने की ऑनर किलिंग?:गोदाम में बंदी बनाकर रखा, गला घोंटकर हत्या, पुलिस भी सवालों के घेरे में, पार्ट-2

राजस्थान क्राइम फाइल्स के पार्ट 1 में आपने पढ़ा कि दौसा की रहने वाली पिंकी की शादी उसके पिता शंकरलाल ने उसकी मर्जी के खिलाफ करा दी। शादी के कुछ दिन बाद पिंकी अपने बॉयफ्रेंड जिम ट्रेनर रोशन के साथ भाग गई। दोनों लिव इन में रहना चाहते थे। इसे लेकर कोर्ट में एप्लिकेशन भी दे दी थी। इस बीच एक मार्च को रोशन ने मुकदमा दर्ज करवाया कि पिंकी के पिता शंकरलाल और परिजनों ने उसका किडनैप कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में इन्वेस्टिगेशन स्टार्ट ही किया था कि अचानक दो दिन बाद ही पिंकी का पिता शंकरलाल थाने में पहुंच गया। वहां पुलिसकर्मियों के सामने पिंकी का मर्डर होने की बात कही। पढ़िए सभी सवालों के जवाब …. पिता बोला-मैंने किया बेटी का मर्डर शंकरलाल ने उस समय महिला थाने में मौजूद ड्यूटी ऑफिसर पुखराज मीणा को बताया था कि उसकी बेटी पिंकी का मर्डर हो गया है। ड्यूटी ऑफिसर ने पूछा- मर्डर किसने किया है ? लाश कहां है ? शंकरलाल ने रोते हुए जवाब दिया- ‘साहब, मैंने ही अपनी बेटी पिंकी को मार डाला। उस की लाश घर में ही पड़ी है।’ मामला गंभीर था। ड्यूटी ऑफिसर पुखराज मीणा ने तुरंत उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस के अधिकारी शंकर लाल के मकान पर पहुंचे। शंकरलाल को भी पुलिस हिरासत में उसके घर लेकर गई। घर में पिंकी की लाश पड़ी थी। एफएसएल टीम को भी मौके पर बुला लिया। इस कार्रवाई में सुबह हो गई। बाप और मां सहित 6 आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने पिंकी की लाश पोस्टमार्टम के लिए दौसा के सरकारी अस्पताल भेज दी। महिला थाने के एएसआई पुखराज मीणा ने कोतवाली थाने में पिंकी की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पोस्टमार्टम होने के बाद घरवालों ने शव का दाह संस्कार कर दिया। पुलिस ने बेटी की हत्या के आरोप में शंकर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद अपहरण के आरोप में 4 मार्च को ही पिंकी की मां चमेली देवी के अलावा परिवार के 6 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों से की गई पूछताछ के बाद ऑनर किलिंग का सच सामने आया। शादी के पांचवें दिन ही बेटी प्रेमी के साथ भाग गई तो शंकर और उस के परिवार को लगा कि उन की इज्जत मिट्टी में मिल गई है। जबरदस्ती कराई थी पिंकी की शादी रामकुंड इलाके में रहने वाला 47 साल का शंकर लाल सैनी फलसब्जी का ठेला लगाता था। उस के परिवार में पत्नी चमेली देवी के अलावा 4 बेटियां और सब से छोटा 10 साल का बेटा था। 19 साल की पिंकी 12वीं तक पढ़ी थी। करीब 2 साल से उस का अफेयर जिम ट्रेनर रोशन से चल रहा था। पिंकी के घरवालों को उसके अफेयर का पता चला। उन्होंने पिंकी को समझाने की कोशिश की। उसे बताया कि वह लड़का उन की जाति-बिरादरी का नहीं है। शादी नहीं हो सकती। पिंकी नहीं मानी तो घरवालों ने उस पर बंदिशें लगा दीं। जल्द उसकी शादी कराने का फैसला लिया। कुछ ही दिनों में लालसोट के रहने वाले मुकेश से पिंकी का रिश्ता तय हो गया। पिंकी इस रिश्ते के खिलाफ थी, लेकिन कुछ कर नहीं पा रही थी। घर वालों के कड़े पहरे के कारण वह घर से बाहर भी नहीं निकल पा रही थी। 3 मार्च की रात पिता ने कर दिया मर्डर कोरोना का संक्रमण कम होने पर लॉकडाउन खुला तो शंकर ने पिंकी की शादी का मुहूर्त निकलवाया। 16 फरवरी, 2021 को मुकेश के साथ पिंकी की धूमधाम से शादी हो गई। पिंकी पिता के घर से विदा हो कर बुझे मन से ससुराल चली गई, लेकिन वह अपने प्रेमी रोशन को नहीं भूली। ससुराल से पहली बार मायके आने पर उसे अपने सपने पूरे होते नजर आए। 21 फरवरी को जब पति और ससुराल वाले उसे लेने को आने वाले थे, उस से कुछ देर पहले ही वह बहाना बना कर घर से निकल गई और रोशन के पास पहुंच गई। दोनों दौसा से जयपुर चले गए। हाईकोर्ट ने उन्हें साथ रहने की इजाजत दे दी तो 1 मार्च को वे दौसा आ गए। उसी दिन रोशन के घर से पिंकी का अपहरण हो गया। पुलिस 3 दिन तक पिंकी को ढूंढ नहीं सकी। 3 मार्च की रात पिंकी को उस के पिता ने ही मार डाला। लापरवाही : हाईकोर्ट ने निर्देश के बावजूद पुलिस ने नहीं दी सिक्योरिटी पिंकी की हत्या के मामले में पुलिस की दोहरी लापरवाही की बात सामने आई। हाईकोर्ट ने जब पुलिस को इस प्रेमी जोड़े को सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिए थे तो उन्हें सुरक्षा क्यों नहीं दी गई? अगर उन्हें सुरक्षा दी जाती, तो पिंकी का अपहरण नहीं होता और शायद आज वह जीवित होती। पिंकी के अपहरण के बाद भी पुलिस ने लापरवाही बरती। केस दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और 3 दिन तक उसे ढूंढ नहीं सकी। रोशन का कहना था कि जब उसने पुलिस को पिंकी के अपहरण की बात बताई तो पुलिस ने तब उस से यही कहा कि उसे उस के परिवार के लोग ही तो ले गए हैं। पुलिस की लापरवाही का मामला उठने पर दौसा के तत्कालीन एसपी अनिल बेनीवाल ने सफाई दी कि हाईकोर्ट के आदेश की सूचना उन्हें नहीं थी। हाईकोर्ट ने कपल की सुरक्षा के लिए जयपुर की अशोक नगर थाना पुलिस को कहा था। अशोक नगर थाना पुलिस प्रेमी जोड़े की इच्छा पर उन्हें जयपुर के त्रिवेणी नगर छोड़ आई थी। करौली के एक गोदाम में बंधक बनाकर रखा पिंकी को 3 दिन तक नहीं ढूंढ पाने के सवाल पर एसपी का कहना था कि अपहरण की शिकायत पर नाकेबंदी की गई और उस की तलाश की जा रही थी। बाद में जांच में पता चला कि पिंकी का अपहरण कर उसे करौली जिले में एक गोदाम में रखा गया था। उसे 3 मार्च की रात को हत्या से कुछ समय पहले ही दौसा में पिता के घर लाया गया था। पुलिस की लापरवाही की बातें सामने आने पर राज्य मानवाधिकार आयोग ने 5 मार्च, 2021 को इस मामले में प्रसंज्ञान लिया। आयोग के सदस्य न्यायाधिपति महेश चंद शर्मा ने डीजीपी, आईजी (जयपुर रेंज) और दौसा एसपी को निष्पक्ष जांच करने और प्रगति रिपोर्ट संबंधित दंडनायक के समक्ष प्रस्तुत करने के आदेश दिए। दौसा कलेक्टर को भी उचित कदम उठाने के आदेश दिए गए। उन्होंने 30 मार्च को सभी अधिकारियों को तथ्यात्मक रिपोर्ट आयोग में पेश करने को कहा। जांच में सामने आई पुलिस की लापरवाही अपने आदेश में लिखा कि पिंकी की हत्या की खबरें पढ़ कर उन का हृदय द्रवित हो गया है। एक पिता बेटी को पालपोस कर बड़ा करता है. उसे दुनिया की हर खुशी देना चाहता है। फिर वह कैसे उसका गला दबा कर निर्मम हत्या कर सकता है? यह अत्यंत हृदयविदारक घटना है, जो मानवता को शर्मसार करने वाली है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। तत्कालीन जयपुर रेंज आईजी हवासिंह घुमारिया ने जांच कराई, तो इस मामले में पुलिस की लापरवाही की बातों की पुष्टि हुई। इस के बाद 5 मार्च, 2021 को दौसा के महिला थानाप्रभारी लोकेंद्र सिंह और दौसा कोतवाली थानाप्रभारी सुगन सिंह को हटा कर लाइन हाजिर कर दिया गया। 2 दिन बाद 7 मार्च को इन दोनों पुलिस इंस्पेक्टरों को निलंबित कर दिया गया। ………….. जिम ट्रेनर के साथ भागी दुल्हन का मर्डर:हाईकोर्ट ने दी लिव-इन में रहने की इजाजत…अचानक लापता, फिर मिली लाश, पार्ट-1

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