नववर्ष की शुरुआत बुधवार को होगी। नववर्ष सबके लिए वरदान दायक बनें और सर्वे भवंतु सुखिन: की कामना से कुछ ऐसा करें कि पूरा साल मंगलमयी हो। शहरवासी नववर्ष की अगुवानी भगवान गणेश का पूजन कर करेंगे ताकि ज्ञान, रिद्धि-सिद्धि और वैभव से पूरिपूर्ण रहें। नए साल 2025 की शुरुआत बुधवार से होने के साथ ही इस दिन चार शुभ संयोग भी बनेंगे। 1 जनवरी को बुधवार होने के साथ उत्तराषाढा नक्षत्र, हर्षण योग, शिववास योग और बालव-कौलव योग भी रहेंगे। ज्योतिषाचार्य पं. रमेश भोजराज द्विवेदी के अनुसार बुधवार को शुक्र और शनि की युति के बीच नए वर्ष का शुभारंभ रहेगा, जिससे आने वाला वर्ष सुख समृद्धि के साथ व्यापार में उन्नति वाला और प्रजा के वैभव में वृद्धि वाला रहेगा। 12 साल बाद नए साल के पहले महीने में 13 जनवरी से प्रयागराज में कुंभ महापर्व का शुभारंभ होगा जो शिवरात्रि तक रहेगा। यह सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है। आशंका यह भी : 2025 का राजा सूर्य, युद्ध, दंगे, अकाल, रोग का साया रहेगा पं. मदन पुरोहित के 2025 का राजा सूर्य है। इससे लोगों को पीड़ा एवं विश्व युद्ध जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। इस वर्ष ग्रहों में भारी परिवर्तन होने से भोगौलिक स्तर पर परिवर्तन होगा। चैत्र प्रतिपदा की शुरुआत रविवार से होने के साथ इस दौरान रेवती नक्षत्र चंद्रमा मीन से मेष में आएंगे और इस वर्ष के राजा सूर्य होने से देश के मुखिया के लिए भी शुभ संकेत रहेंगे। नव विक्रम संवत् का अधिपति सूर्य होने से भारत सरकार में अस्थिरता, आर्थिक मंदी, अराजकता रहेगी। इन ग्रहों की स्थिति से विश्व युद्ध की संभावना प्रबल होती है। मालव्य और केंद्र त्रिकोण राजयोग बनेगा, इस साल 4 ग्रहों का गोचर भी पं. ललित शर्मा के अनुसार इस वर्ष शुरुआत में मालव्य व केंद्र त्रिकोण राजयोग का निर्माण होगा। यह राजयोग शुक्र के 27 जनवरी को मीन राशि में गोचर से बन रहा है। शुरुआत में शनि कुंभ से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। शनि 29 मार्च को मीन राशि में गोचर करेंगे। मई में राहु मीन राशि से निकलकर कुंभ राशि में पहुंचेंगे। दो महीने बाद 18 मई को राहु मीन राशि में और केतु सिंह राशि में गोचर करेंगे। साथ ही गुरु भी वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। गुरु का गोचर 14 मई को मिथुन राशि में होगा। रातानाडा गणेश मंदिर में आरती में उमड़े श्रद्धालु।


