एमपीपीएससी का भेदभाव:असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती : कॉमर्स व हिंदी में सामान्य वर्ग का पद नहीं

मप्र लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। एमपीपीएससी ने कॉमर्स और हिंदी विषय में एक भी पद सामान्य वर्ग के लिए नहीं रखा है। परीक्षा जून में होगी। असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए कॉमर्स के 111 व हिंदी के 113 पद हैं। कॉमर्स में इस साल के अलावा 2019 का ओबीसी का बैकलॉग भी शामिल किया गया है। अभ्यर्थी इसमें सामान्य के लिए भी पद जोड़ने की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने इसे भेदभाव बताया। वहीं, पीएससी के अधिकारियों का पक्ष जानने के लिए भास्कर ने कई बार कॉल किया गया पर संपर्क नहीं हो पाया। अतिथि विद्वान बोले…कोई फायदा नहींं…. इधर, इस भर्ती में 25 प्रतिशत सीटें अतिथि विद्वानाें के लिए आरक्षित की गई हैं। इस संबंध में अतिथि विद्वान महासंघ के डॉ. आशीष पांडेय ने कहा कि बहुत से अतिथि विद्वान निर्धारित आयु सीमा पार कर चुके हैं। ऐसे में उन्हें इसका कोई लाभ नहीं मिलेगा। अतिथि विद्वानों को नियमित किया जाना चाहिए। ज्यादातर अतिथि विद्वान 50 से अधिक उम्र के हो चुके हैं। ऐसे में उन्हें इसका लाभ नहीं मिल सकेगा।

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