क्रिसमस से लेकर नव वर्ष तक छुट्टियों के चलते पूरे शहर में सामान्य दिनों से ज्यादा श्रद्वालु पहुंचते हैं। ऐसे में जहां मंदिर क्षेत्रों में वाहनों की संख्या बढ़ने से यातायात प्रभावित होता है, वहीं मुख्य मार्गों में हो रही खुदाई ने यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से बिगाड़ दिया है। पिछले 5 दिनों से निकास चौराहे पर जाम लग रहा है और इससे वाहनों को निकलने में घंटों का समय लग रहा है। इसका कारण है टाटा द्वारा किया जा रहा सीवरेज का आधा अधूरा काम। टाटा ने एक महीने में निकास से निकलने वाले दो मार्ग खोद दिए हैं। इसके चलते निकास चौराहे के आसपास कई रास्तों पर घंटों जाम लगा रहता है व वाहन फंसे रहते हैं। टाटा ने करीब एक माह पहले निकास चौराहे से तेलीवाड़ा तक सड़क की खुदाई की और छोड़ दी। सड़क खुदाई के बाद बहुत दिनों तक टाटा ने काम नहीं किया। इसके बाद कई शिकायतों पर टाटा ने 7 दिन पहले ही फिर काम शुरू किया। इसी बीच यह काम पूरा ही नहीं हुआ कि टाटा ने इसी क्षेत्र में दूसरा रास्ता खोद दिया। अब क्षेत्र के दो प्रमुख चौराहों तक जाने के रास्ते बंद हैं। ऐसे में आसपास की पूरी सड़कों पर जाम लगा हुआ है, जबकि दूसरी मार्ग खोदने से पहले टाटा को स्थानीय लोग और पार्षद द्वारा मना भी किया गया। टाटा और निगम अधिकारी फिल्ड पर नहीं आते -पार्षद स्थानीय पार्षद पूनम मोहित जायसवाल ने आयुक्त को लिखित शिकायत भी की है। पार्षद ने बताया कि निगम अधिकारी और टाटा कंपनी अधिकारी सभी को बोल चुके हैं। कोई फिल्ड पर आता नहीं, केवल फोन पर चर्चा करते हैं। रोज लोग परेशान होते हैं व क्षेत्र में जाम लगता है। दूसरा मार्ग खोदने से पहले ही मना कर दिया था। इसके बाद भी खुदाई कर दी। टाटा कंपनी के अधिकारी शैलेंद्र तिवारी से जब बात की गई तो उन्होंने कहा दिखवाते हैं लेकिन वे भी फिल्ड पर नहीं आए। पहले खुदे मार्ग पर काम हो रहा, बाकी हो जाएगा शिकायत आई थी। टाटा कार्य कर रही है। पहले खुदे हुए मार्ग पर निर्माण चालू है और बाकी भी हो जाएगा। बाकी हमारे मुख्य अधिकारी भी कार्य देख रहे हैं। – संतोष गुप्ता, अधीक्षण यंत्री


