सरकार बैरवा समाज की राज्य स्तरीय पंचायत का आयोजन करेगी। इसमें देश के विभिन्न अंचलों के बैरवा समाजजनों को आमंत्रित किया जाएगा। यहीं नहीं प्रदेश सरकार औद्योगिक विकास में बैरवा समाज के उद्योगपति और व्यवसायियों को जोड़कर समाज का सर्वांगीण विकास करेगी। बैरवा समाज के बच्चे खूब पढ़ें, लिखें और आगे बढ़ें, इसके लिए सरकार हर जरूरी प्रयास और सहयोग भी करेगी। ये बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कही। वे तीन बत्ती चौराहा पर मंगलवार को महर्षि बालीनाथ जी बैरवा जयंती कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। सीएम ने कहा कि देश के दूरदराज क्षेत्रों से आए बैरवा समाजजनों का अभिनंदन करते हुए वे बेहद प्रसन्न हैं। महर्षि बालीनाथजी ने समाज की कुरीतियों, रुढ़ियों-बुराइयों को खत्म कर सबको सद्मार्ग की ओर ले जाने का काम किया। समाज में जनजागृति लाने में महर्षियों की बड़ी अहम भूमिका रही है। महर्षि बालीनाथजी भी उन्हीं में से एक परम संत थे। सीएम ने कहा कि जो असंभव दिखता है, वह केवल सनातन धर्म में ही संभव है। सीएम ने अखिल जूनवाल द्वारा लिखित पुस्तक भीम वंदना का विमोचन किया। दिनेश जाटवा ने बताया कि अभा बैरवा समाज और आयोजन समिति के सदस्यों ने सीएम डॉ. यादव को संतश्री बालीनाथजी की प्रतिमा भेंटकर उनका स्वागत किया। अंत में सीएम डॉ. यादव ने बैरवा समाज की बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। राजस्थान के विधायक दीनदयाल बैरवा, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, निगम सभापति कलावती यादव, पूर्व महापौर मदनलाल ललावत, राजेश जारवाल, भाजपा अध्यक्ष विवेक जोशी मंचासीन थे। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि बालीनाथजी के बताए मार्ग से प्रेरणा लेकर हमारी सरकार गरीबों के जीवन में उजाला लाने और उनके कष्टों का निवारण करने का प्रयास कर रही हैं। उज्जैन की बिनोद मिल के मजदूरों को उनका हक दिलाया है। इंदौर की हुकुमचंद मिल के मामले का भी समाधान किया। ग्वालियर की जेसी मिल्स के मजदूरों को भी उनका हक दिलाने की ओर आगे बढ़ रहे हैं। सीएम बोले कि प्रदेश की ऐसी सभी बंद मिलों, जिनके मजदूरों को उनका हक अब तक नहीं मिल पाया है, सरकार पूरे ब्याज सहित उन सभी मजदूरों को उनका वाजिब हक दिलाएगी।


