मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना में मिली खांसी की सिरप से बच्चे की मौत नहीं हुई। यह दावा सीकर सीएमएचओ ने किया है। सरकार को भेजी रिपोर्ट में बताया गया है कि जिस सिरप को पीने से बच्चे की मौत होना बताया जा रहा है। उस बैच की दवा झुंझुनूं जिले में सप्लाई ही नहीं हुई थी। दरअसल, सीकर में 28 सितंबर को 7 साल के नितियांस शर्मा की मौत हो गई थी। परिजनों का कहना था कि बच्चे की तबीयत खराब होने पर चिराना स्वास्थ्य केंद्र (झुंझुनूं) में दिखाया गया था। 28 सितंबर की रात सिरप डेक्सट्रोमेथारपन हाइड्रोब्रोमाइड आईपी/13.5mg/5ml बैच संख्या KL-25/148” की 7-8 डोज बच्चे को दी गई थी। दवा पीने के बाद रात 3 बजे बच्चे को प्यास लगने पर पानी पिलाया गया था। सुबह 5 बजे बच्चे को संभाला तो अचेत था। बच्चे को नजदीक के प्राइवेट हॉस्पिटल लेकर गए, जहां से उसे कल्याण हॉस्पिटल (सीकर) रेफर कर दिया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। चिराना सीएचसी प्रभारी बोले- जिस दवा की बात, वो झुंझुनूं सप्लाई ही नहीं हुई
बच्चे की मौत के बाद सीकर सीएमएचओ अशोक महरिया और चिराना स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी ने अपनी जांच रिपोर्ट दी। चिराना प्रभारी ने बताया कि जिस दवा को पीकर तबीयत बिगड़ने और उसके बाद मौत होने की बात बच्चे के माता-पिता कह रहे हैं। उस बैच की दवाई झुंझुनूं जिले में सप्लाई ही नहीं हुई है। चिराना स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी- बच्चा आखिरी बार 7 जुलाई को इलाज के लिए आधिकारिक तौर आया था। उसके बाद से यहां चिराना स्वास्थ्य केंद्र (झुंझुनूं) इलाज के लिए आया ही नहीं था। भरतपुर में माना था, दवा पीने से तबीयत खराब
इधर, भरतपुर के बयाना में बच्चों और डॉक्टर की तबीयत खराब के मामले में भरतपुर सीएमएचओ और जिला प्रभारी ने रिपोर्ट में माना कि दवा पीने से तबीयत बिगड़ने की शिकायतें आ रही है। बयाना के जिन बच्चों की दवा पीने से तबीयत बिगड़ी थी। वह सामुदायिक केंद्र सेवर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कलसाड़ा से सप्लाई की गई थी। इन दोनों ही हॉस्पिटल के डॉक्टर्स का कहना है कि इस दवा के पीने से मरीजों को उल्टी, नींद, घबराहट, चक्कर, बेचैनी, बेहोशी की शिकायत आ रही है। डॉक्टर की इस शिकायत के बाद इस दवाई के सप्लाई पर तुरंत रोक लगाई गई थी। ये खबर भी पढ़ें- खांसी की दवा पीने से बच्चे की मौत का दावा:चाचा बोले- सरकारी हॉस्पिटल से सिरप लाए थे, पीने के बाद सांसें थमी सीकर में सरकारी हॉस्पिटल से मिली खांसी की दवा पीने से 5 साल के बच्चे की मौत हो गई। दावा किया जा रहा है कि सिरप पीने के बाद ही बच्चे की सांसें थम गई। (पढ़ें पूरी खबर) जानलेवा सिरप, पहले भी सैंपल हुए फेल:खांसी की दवा से एक मासूम की मौत हो चुकी; ICU में 2 साल की बच्ची खांसी की दवा पीने से बच्चों की तबीयत बिगड़ने के मामले थम नहीं रहे हैं। सीकर में पांच साल के बच्चे की मौत हो गई। दावा किया जा रहा है सिरप पीने के बाद ही बच्चे की सांसें थम गईं। इसके अलावा सीकर के श्रीमाधाेपुर और भरतपुर के अलावा जयपुर में भी एक केस सामने आया है। (पढ़ें पूरी खबर)


