अनूपगढ़ के उदासर माइनर जल उपभोक्ता संगम के पूर्व अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगे हैं। वर्तमान अध्यक्ष ने उन पर फर्जी बिल और दस्तावेजों के जरिए राजकोष से लाखों रुपए के गबन करने का आरोप लगाया है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जांच में मिली कई फर्जी एंट्रीज एसीजेएम कोर्ट, अनूपगढ़ में दी शिकायत में जगदीश राम (46) निवासी 2 UDM ढ़ाणी (श्रीविजयनगर) ने बताया कि वे जुलाई 2022 में जल उपभोक्ता संगम, उदासर माइनर-57 के अध्यक्ष बने। जब उन्होंने कैशबुक की जांच की, तो उसमें जेसीबी से नहर सफाई के नाम पर कई फर्जी एंट्रीज मिलीं। 2017 से 2021 तक की कैशबुक में 8 हजार से 9600 रुपए तक की कई एंट्रीज दर्ज हैं, लेकिन न तो जेसीबी मालिक का कोई विवरण है और न ही ड्राइवर या मशीन का कोई रिकॉर्ड। इतना ही नहीं, कुछ एंट्रीज तो पेंसिल से लिखी गईं, जो नियमों के खिलाफ है। सफाई किसानों ने की, बिल उठाया पूर्व अध्यक्ष ने जगदीश ने बताया कि जब उन्होंने पूर्व अध्यक्ष बग्गा सिंह से इन बिलों का हिसाब मांगा, तो बग्गा सिंह ने कहा- मैंने राजकोष की ठगी मारनी थी, जो मार ली। नहर की सफाई नहीं करवाई, न जेसीबी लगाई, न कोई पेमेंट दी। जगदीश ने अपने उच्चाधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी। जिसके बाद जगदीश ने रामसिंहपुर थाने और एसपी श्रीगंगानगर को शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार, उन्होंने अनूपगढ़ के न्यायिक मजिस्ट्रेट में शिकायत दी। अब कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच हेड कॉन्स्टेबल मनरूप सिंह कर रहे हैं। 4 प्वाइंट में समझिए मामला


