झालावाड़ जिले के घाटोली कस्बे में नवरात्र समापन के अवसर पर महिषासुर मर्दिनी की चल झांकी का आयोजन किया गया। यह आयोजन पिछले 22 वर्षों से नवमी की रात को होता आ रहा है। इस वर्ष भी झांकी देखने के लिए आसपास के करीब सौ गांवों से भारी संख्या में लोग उमड़ पड़े। आयोजन के लिए कस्बे के हाट चौक में 100 फीट लंबा, 6 फीट चौड़ा और तीन फीट ऊंचा मंच तैयार किया गया था। मंच पर एक ओर मां महिषासुर मर्दिनी धधकता खप्पर और चमचमाती तलवार लिए थीं, वहीं दूसरी ओर महिषासुर ढाल व तलवार के साथ ढोल की थाप पर भाव प्रदर्शित कर रहा था। दोनों के पीछे 10 फीट लंबे रस्से बंधे थे, जिन्हें चार-चार व्यक्तियों ने संभाल रखा था। दोनों के बीच लगभग 20 मिनट तक रोमांचक तलवारबाजी हुई, जिसमें मां भवानी ने महिषासुर का वध किया। इस भव्य झांकी को देखने के लिए आसपास के लगभग सौ गांवों से जनसैलाब उमड़ पड़ा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। भव्य चल झांकी की देखें फोटोज…
वरिष्ठ कवि रूप जी रूप ने बताया कि लगभग 61 वर्ष पूर्व तक यहां ढाई कड़ी लोक छंद में रामलीला होती थी, जिसके समापन पर इसी प्रकार की चल झांकी का आयोजन किया जाता था। अब इसे रामनवमी की रात्रि को किया जाता है। इस प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को पटेल भगवान सिंह गुर्जर, वरिष्ठ कवि रूप जी रूप, रमेश पालीवाल, मांगीलाल कारपेंटर, कालू लाल भडाणा, देवी शंकर सेन और राधेश्याम ट्रेलर जैसे लोग संभाल रहे हैं। इस झांकी में मुख्य कलाकार के रूप में नंदलाल लववंशी महिषासुर मर्दिनी की भूमिका निभाते हैं, जबकि दिनेश कारपेंटर महिषासुर का किरदार निभाते आ रहे हैं।


