विजयादशमी पर आज कोटा के दशहरा मैदान में दुनिया के सबसे ऊंचे 221 फीट के रावण का दहन किया जाएगा। इसके साथ ही कोटा का नाम इंडिया बुक और एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज होगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा समारोह में मुख्य अतिथि रहेंगे। रावण दहन से पहले लोग सुबह से अपने परिवार,बच्चों और दोस्तों के साथ रावण,कुंभकरण,मेघनाद के पुतलों को देखने पहुंच रहे हैं। कई लोग रावण को कंकड़ पत्थर भी मार रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसा करने से सुख शांति रहती है। पुतले में 20 ब्लास्टिंग प्वाइंट,धमाके से होगा दहन
रावण दहन पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पर होगा। पुतले में पांच पायरो और 20 ब्लास्टिंग प्वाइंट लगाए गए हैं, जिनसे रिमोट कंट्रोल से चरणबद्ध आतिशबाजी होगी। पहले रावण के छत्र और मुकुट में धमाके होंगे, फिर चेहरे, ढाल, तलवार और नाभि में आतिशबाजी होगी। खास बात है कि इस बार पूरी तरह ग्रीन आतिशबाजी का प्रयोग किया जाएगा। 60 फीट ऊंचे मेघनाद और कुंभकरण के पुतले भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। रावण दहन के साथ ही मेला परिसर में फेज-2 की भव्य आतिशबाजी शुरू होगी। आसमान में रंग-बिरंगे पटाखे, गोल्डन शॉट और आतिशी अशर्फियां माहौल को रोमांचित कर देंगी। दहन से पहले निकलेगी भगवान लक्ष्मीनारायण की सवारी
परंपरा के अनुरूप भगवान लक्ष्मीनारायण की सवारी गढ़ पैलेस से शाम 6.21 बजे रवाना होगी। सवारी में हाथी, घोड़े, ऊंटगाड़ियां, बग्घियां और विभिन्न झांकियां शामिल होंगी। शोभायात्रा में राम-सीता-हनुमान के जीवंत रूप, वानर और राक्षसों के युद्ध दृश्य भी दिखाए जाएंगे। राजस्थान ही नहीं, देश के कई प्रदेशों के लोक कलाकार भी प्रस्तुति देंगे। घूमर, कच्ची घोड़ी, कजरी, बिंदोरी नृत्य के साथ अरुणाचल का टपू, बंगाल का छाऊ और केरल का कुंभाटी नृत्य भी पेश होगा। महिलाओं के मंगल गीत और बैंड की धुनें शोभायात्रा को और भव्य बनाएगी। दशहरा मैदान में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए 10 स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।


