राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने स्थापना दिवस विजयदशमी के अवसर पर नीमच शहर में एक विशाल पथ संचलन का आयोजन किया। संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में इसे शताब्दी वर्ष पर्व के रूप में मनाया गया। संचलन से पहले, शहर के क्रमांक 2 स्कूल परिसर में सभी स्वयंसेवक एकत्रित हुए। यहां ध्वज प्रणाम किया गया और अतिथियों द्वारा एक बौद्धिक सत्र संपन्न हुआ। इस सत्र में संघ के 100 वर्षों के कार्यों, देश के प्रति उसके योगदानों और सामाजिक कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। इसके बाद, मधुर घोष की धुन पर कदमताल मिलाते हुए स्वयंसेवकों का अनुशासित पथ संचलन शुरू हुआ। इस वर्ष नीमच नगर की 18 बस्तियों के 3000 से अधिक स्वयंसेवकों ने सामूहिक रूप से इसमें भाग लिया। संचलन में एक वर्ष के नन्हे स्वयंसेवक कृष्णा रामनानी से लेकर बुजुर्गों तक की भागीदारी देखने को मिली, जो विशेष आकर्षण का केंद्र रही। पूरे शहर में इस विराट संचलन का ऐतिहासिक स्वागत किया गया। लगभग 200 समाजसेवी संगठनों, समाजसेवियों और सामाजिक संस्थाओं ने जगह-जगह स्वागत द्वार लगाकर पुष्पवर्षा से अभिनंदन किया। कई स्थानों पर ड्रोन द्वारा गुलाब के फूलों की बारिश की गई, साथ ही गुलाब जल छिड़काव और आतिशबाजी भी की गई। यह संचलन क्रमांक 2 स्कूल से शुरू होकर महेश सर्कल, कमल चौक, फवारा चौक, बस स्टैंड, खारी कुआं, इंजीनियर सर्कल, जाजू बिल्डिंग, घंटा घर, भारत माता चौराहा, विजय टॉकीज चौराहा, चोपड़ा चौराहा, अजमीढ़ चौराहा, एलआईसी रोड और समता चौराहा जैसे प्रमुख मार्गों से होते हुए विश्वकर्मा सर्कल पहुंचा और वापस क्रमांक 2 स्कूल परिसर में समाप्त हुआ। उल्लेखनीय है कि आरएसएस की स्थापना 1925 में विजयदशमी के दिन नागपुर में हुई थी। संचलन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीएसपी किरण चौहान, कैंट थाना प्रभारी पुष्पा चौहान और नीमच सिटी थाना प्रभारी विकास पटेल सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे।


