कोडरमा जिले के चंदवारा पुलिस लाइन में दो दिन पूर्व एक निलंबित पुलिस जवान मंसूर आलम ने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। बुधवार देर रात उनका शव कोडरमा पहुंचा, जिसके बाद गुरुवार सुबह चंदवारा पुलिस लाइन में उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान एसपी अनुदीप सिंह, मुख्यालय डीएसपी रतिभान सिंह, एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारियों और जवानों ने पुष्प अर्पित कर मौन धारण किया। मृतक मंसूर आलम पुलिस विभाग में चालक के पद पर कार्यरत थे और पिछले तीन माह से निलंबित चल रहे थे। आत्महत्या से पहले वीडियो जारी किया था मुख्यालय डीएसपी ने बताया था कि उन पर कार्य में लापरवाही और शराब के नशे में ड्यूटी करने के आरोप थे, जिसके चलते उन्हें निलंबित किया गया था। आत्महत्या से पहले मंसूर आलम ने एक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में उन्होंने जयनगर थाना प्रभारी बबलू सिंह, एएसआई अरविंद हांसदा, डोमचांच थाना प्रभारी ओम प्रकाश यादव और सपही पिकेट प्रभारी पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें निलंबित कराने का आरोप लगाया था। यह वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस मेन्स एसोसिएशन और अल्पसंख्यक मोर्चा सक्रिय हो गए। उन्होंने इस आत्महत्या को एक साजिश करार दिया। पुलिस मेन्स एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष रहमान खान ने जयनगर और डोमचांच थाना प्रभारियों पर मंसूर को झूठे मामलों में फंसाने का आरोप लगाया, जिससे वह तनाव में आ गया और अंततः आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर हुआ। एसोसिएशन ने एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।


