फलोदी के संस्कृत भारती द्वारा राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय में आयोजित 10 दिवसीय संस्कृत संभाषण शिविर का समापन समारोह धूमधाम से हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना और ध्येय मंत्र से किया गया समापन अवसर पर संस्कृत भारती के विभाग संयोजक डूंगर सिंह राजपुरोहित ने कहा कि संस्कृत भाषा में संपूर्ण विश्व को मानवता की राह दिखाने की क्षमता है। उन्होंने सभी को प्राचीन परंपराओं पर गर्व करने और संस्कृत भारती के कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेकर अपने व्यक्तित्व को नया आयाम देने का आह्वान किया। उन्होंने शिक्षार्थियों को संस्कृत सीखने और इसे दूसरों को सिखाने की प्रेरणा दी। वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय के प्राचार्य दीनदयाल जोशी ने संस्कृत भाषा की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए दैनिक जीवन में संस्कृत संभाषण अपनाने का आग्रह किया। संभाषण शिक्षक मोती लाल सांखी ने बताया कि यह शिविर 23 सितंबर से शुरू होकर प्रतिदिन दो घंटे संचालित हुआ। इसमें 30 शिक्षार्थियों ने भाग लिया। सांखी ने कहा कि ऐसे शिविरों में सरल और वैज्ञानिक पद्धति से संस्कृत बोलना सिखाया जाता है। कार्यक्रम में संस्कृत भारती फलोदी के नगर कार्यालय प्रमुख मनोज कुमार माली और अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। इस अवसर पर रमेश कुमार और मेघा ने अपने अनुभव साझा किए, पूर्वा माली ने कुटुंब परिचय प्रस्तुत किया, अफसाना और सुल्ताना ने संस्कृत में दूरभाष पर संभाषण कर सबका ध्यान आकर्षित किया, वहीं आयशा ने संस्कृत गीत प्रस्तुत कर माहौल को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का समापन उत्साह और संस्कृत भाषा को जन-जन तक पहुंचाने के संकल्प के साथ हुआ।


