विजयदशमी के मौके पर गुरुवार को जबलपुर के एक निजी अस्पताल में महिलाओं ने बड़ी संख्या में रक्तदान किया। ‘शक्ति का रक्तदान’ नाम से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में 25 से अधिक महिलाओं ने स्वेच्छा से दुर्घटना और बीमारी से पीड़ितों के लिए रक्तदान किया। इस दौरान 65 वर्षीय महिला भी रक्तदान करने पहुंची, हालांकि उम्र अधिक होने के कारण डॉक्टरों ने उनका रक्त नहीं लिया। शिविर में जिला अस्पताल की टीम मौजूद रही, जिन्होंने ब्लड कलेक्शन कर उसे ब्लड बैंक में सुरक्षित रखा। कार्यक्रम का आयोजन सेवा पखवाड़ा के तहत किया गया। डॉक्टर ने कहा-रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित इस अवसर पर डॉ. वाणी अहलूवालिया ने बताया कि यह अभियान मातृभक्ति और महिलाओं के स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा “रक्तदान से कमजोरी नहीं आती, बल्कि नई कोशिकाएं बनने से शरीर और अधिक स्वस्थ और ऊर्जावान महसूस करता है। महामारी जैसी परिस्थितियों को छोड़कर रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित है।” मप्र में 6 प्रतिशत महिलाएं करती हैं रक्तदान डॉ. अहलूवालिया ने बताया कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में महिलाएं एक साथ रक्तदान के लिए आगे आई हैं। वर्तमान में मध्यप्रदेश में मात्र 6 प्रतिशत महिलाएं ही रक्तदान करती हैं। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि आज सेवा पखवाड़ा का अंतिम दिन था, ऐसे में मातृ शक्ति ने इस रक्तदान शिविर में भाग लेकर समाज में एक सशक्त संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रक्तदान महादान है और इसे शक्ति का दान भी कहा जा सकता है।


