विजयादशमी के अवसर पर गुरुवार को नर्मदापुरम पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन का आयोजन हुआ। पहली बार कलेक्टर, एसपी के अलावा राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस लाइन की शस्त्र पूजन की। मंत्री गौर दोपहर 2.45 बजे भोपाल से नर्मदापुरम पहुंची थी। प्रतीकात्मक बलि दी गई
पारंपरिक रीति-रिवाज और विधि-विधान से राज्यमंत्री कृष्णा गौर, कलेक्टर सोनिया मीना और एसपी ने हवन कर शस्त्रों की पूजा की गई। एसपी सांई कृष्णा थोटा ने प्रतीक स्वरूप तलवार से कुम्हड़ा (सफेद कद्दू) की बलि दी। राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने कहा शस्त्र पूजन की हमारी परम्परा प्राचीन है। जिसके माध्यम से हम संदेश देते है कि हमारे लिए शस्त्र पूजन हिंसा का कारण नहीं बनते, बल्कि हमारे धर्म, न्याय और राष्ट्र की रक्षा के लिए भी शस्त्र आवश्यक है। इस दौरान नगर पालिका नीतू यादव, कमिश्नर केजी तिवारी, आईजी मिथलेश शुक्ला, डीआईजी प्रशांत खरे, एएसपी अभिषेक राजन, सिटी मजिस्ट्रेट बृजेंद्र रावत, डीएसपी संतोष मिश्रा, एसडीओपी जितेंद्र पाठक, भाजपा पदाधिकारी समेत अन्य मौजूद रहे। हमारे अंदर छिपी बुराइयों को दमन करने का दिन कृष्णा गौर ने कहा विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई, अधर्म पर धर्म, अन्याय पर न्याय की जीत का पर्व है। आज का दिन संकल्प लेने का है कि हम अपने अंदर की सभी प्रकार की बुराइयों का दमन करके प्रभु श्रीराम की कृपा के पात्र बनेंगे। प्रभु राम की कृपा पूरे भारत वासियों पर बरसती रहे। उन्होंने कहा आज पारंपरिक विधि विधान के साथ शस्त्र पूजन की। मुख्यमंत्री ने हमें यह अवसर दिया कि शस्त्र पूजन को जिस परम्परा को केवल प्रशासनिक स्तर मनाई जाती थी, उसे सामाजिक स्तर से जोड़ते हुए प्रत्येक जिले में मंत्रियों को भेजकर सार्वजनिक करने का काम किया है। जो निश्चित रूप से प्रशंसा के योग्य है। पुलिस के शस्त्र और गाड़ियों का पूजन पुलिस विभाग में शस्त्र पूजन करने की परंपरा रही है। पूरे विधि विधान और नियमों के अनुसार शस्त्रों और पुलिस के वाहनों का पूजन किया गया। साथ ही जिले की खुशहाली और उन्नति के लिए हवन का आयोजन भी किया गया। कमिश्नर, आईजी, डीआईजी, कलेक्टर, एसपी समेत सभी गाड़ियों की पूजन की गई। जिले के सभी थानों में स्थित शस्त्रागारों में शस्त्र पूजन किया गया। जीआरपी थाने में थाना प्रभारी ने की पूजन थाना जीआरपी इटारसी में थाना प्रभारी संजय चौकसे और थाने के स्टॉफ द्वारा शस्त्रों का विधिवत पूजन किया गया। थाना प्रभारी ने कहा यह परंपरा शक्ति और साहस का प्रतीक है और पुलिस बल के जवानों के लिए यह एक महत्वपूर्ण आयोजन है। पुलिस बल की एकता और अनुशासन का प्रतीक है, और यह दर्शाता है कि वे अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाने के लिए तैयार हैं


