श्रीगंगानगर में रावण के साथ जली लंका:मेघनाद का घूमता सिर बना आकर्षण; दशानन की आंखों से बरसे अंगारे

70 फीट के रावण की आंखों से अंगारे बरसने लगे। इसके बाद दसों सिरों के साथ रावण धधक उठा। श्रीगंगानगर में श्रीसनातन धर्म महावीर दल की ओर से 74वां विजयादशमी महोत्सव सुखाड़िया सर्किल के रामलीला मैदान में संपन्न हुआ। गुरुवार शाम 6:27 बजे 70 फीट के रावण, 65 फीट कुंभकर्ण और 60 फीट ऊंचे मेघनाद के पुतले के साथ लंका का दहन हुआ। मेला देखने के लिए हजारों लोग उमड़े। मेघनाद के सिर का 20 फ्यूज बत्तियों के साथ चारों दिशाओं में घूमना दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण रहा। रावण की आंखों से बरसते अंगारे और नाभि में घूमता चक्र, साथ ही कुंभकर्ण का अट्टहास ने भीड़ को आकर्षित किया। राम-रावण युद्ध और लंका दहन हुआ कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 3 बजे हुई। श्री हनुमान राम नाटक समिति के स्वरूप में भगवान श्रीराम और लंकापति रावण की सवारी रथ पर सवार होकर पहुंचे। बैंड-बाजों और सेना के साथ दोपहर 1 बजे महावीर दल से शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए रामलीला मैदान पहुंचे। यहां राम और रावण के बीच युद्ध का मंचन हुआ। श्रीगंगानगर विधायक जयदीप बिहाणी और कार्यक्रम अध्यक्ष श्रीयादे माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद राय टाक की मौजूदगी में ध्वज पूजन और रावण की पूजा-अर्चना के बाद हनुमान द्वारा लंका दहन किया गया। आतिशबाजी के साथ पुतलों का दहन देख लोग उत्साह से झूम उठे। 51 साल बाद बने दुर्लभ योग इस दशहरे पर भद्रा और पंचक का साया नहीं था। 51 साल बाद रवि योग, धृति योग और सुकर्मा योग का संयोग बना, जो शुभ कार्यों की शुरुआत, सिद्धि, लाभ, स्थिरता और दृढ़ता का प्रतीक रहा। इस संयोग ने उत्सव की रौनक को और बढ़ा दिया। पुतला दहन की भव्य तैयारियां पुतला दहन की तैयारियां एक दिन पहले पूरी कर ली गई थीं। डीटीओ ऑफिस के सामने से 6 ट्रॉलियों में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के अंगों को रामलीला मैदान लाया गया। 50 लोगों की टीम ने दो क्रेनों की मदद से पुतले खड़े किए। कारीगर मोहम्मद असलम ने बताया कि मेघनाद के सिर में लगी 20 फ्यूज बत्तियों ने चारों दिशाओं में घूमकर शानदार दृश्य प्रस्तुत किया। यातायात व्यवस्था रही चाक-चौबंद यातायात थाना प्रभारी मदनलाल ने बताया कि दोपहर 12 बजे से रामलीला मैदान के 1 किमी दायरे में यातायात बंद रहा। हनुमानगढ़ रूट के वाहन चहल चौक से जस्सा सिंह मार्ग होते हुए बस स्टैंड गए, जबकि मीरा चौक से आने वाले वाहन मौसम विभाग रोड से बड़ा बाजार होकर मुख्य बाजार पहुंचे। पार्किंग की व्यवस्था नई धानमंडी और सिहाग हॉस्पिटल रोड के पास की गई थी, जिससे दर्शकों को कोई असुविधा नहीं हुई। फोटोज में देखिए श्रीगंगानगर में रावण दहन…

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