डीडवाना में गुरुवार को दशहरा पर्व उत्साह और धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर 42 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया, जिसके बाद ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से पूरा मैदान गूंज उठा। पर्व की शुरुआत सुबह विभिन्न मंदिरों और घरों में शस्त्र पूजन के साथ हुई। संघ कार्यालय में भी शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। शाम को पोस्ट ऑफिस के सामने स्थित दशहरा मेला मैदान में मुख्य आयोजन हुआ। इससे पूर्व भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान की शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मेला मैदान पहुंची। नागौरिया मठ के पीठाधीश्वर विष्णुप्रपन्नाचार्य जी महाराज के सानिध्य में पूजन और मंगल आरती संपन्न हुई। इसके बाद राम-रावण युद्ध का मंचन किया गया। भगवान श्रीराम ने अग्निबाण चलाकर रावण का वध किया। इसी के साथ मैदान में तैयार किए गए 42 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। पुतला जलते ही चारों ओर ‘जय श्रीराम’ के जयघोष गूंज उठे और रंग-बिरंगी आतिशबाजी से आसमान रोशन हो गया। सनातन धर्म सभा के तत्वावधान में यह पारंपरिक आयोजन किया गया था। रावण का पुतला वैष्णव परिवार द्वारा तैयार किया गया था। डीडवाना में यह दशहरा पर्व वर्षों से धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं और बच्चे उपस्थित रहे। रावण दहन के बाद भगवान श्रीराम की महाआरती की गई। लोगों ने एक-दूसरे को विजयदशमी की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम स्थल पर भारी भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिस ने विशेष इंतजाम किए थे। स्टेडियम और मेला मैदान की ओर जाने वाली सड़कों पर बेरिकेड्स लगाकर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया। लोगों ने अपने वाहन निर्धारित स्थानों पर खड़े कर पैदल चलकर दशहरा पर्व का आनंद लिया।


