जैसलमेर में दशहरा के अवसर पर शहीद पूनम सिंह स्टेडियम में रावण दहन का आयोजन किया गया। शाम 7 बजे जिला कलेक्टर प्रताप सिंह ने रिमोट के जरिए रावण दहन का शुभारंभ किया। शाम 7 बजते ही कलेक्टर प्रताप सिंह ने रिमोट से आग लगाकर रावण दहन किया, लेकिन रिमोट के बावजूद रावण का पुतला नहीं जल सका। रावण से पहले ही कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतले जलने लगे। इस दौरान आतिशबाजी वाले ने रावण को आग लगाकर जलाया। इसके बाद दो मिनट के भीतर ही रावण भारी भीड़ के सामने धराशायी हो गया।रावण दहन के दौरान भव्य आतिशबाजी की गई जो आधा घंटे तक चली जिसमें लोगों ने काफी लुत्फ लिया। भारी भीड़ के बीच हुई आधा घंटा आतिशबाजी नगरपरिषद कमिश्नर लजपाल सिंह ने कहा कि दशहरा केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन भी है जो शहरवासियों को एक साथ जोड़ता है। उन्होंने बताया कि नगर परिषद ने स्टेडियम में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के सभी इंतजाम किए थे। जिसने शहरवासियों को रोमांच और उत्साह से भर दिया। इस बार रावण का पुतला 45 फीट ऊंचा था, जबकि मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले 40-40 फीट के विशालकाय बनाए गए थे। कुल लागत लगभग 10 लाख रुपए बताई गई। जय श्रीराम के लगे जयकारे
पूनम सिंह स्टेडियम में आयोजित होए कार्यक्रम में भारी भीड़ शामिल हुई। परिवार, बच्चे और छात्र जय श्रीराम के जयकारों के बीच करीब आधा घंटे तक रंग-बिरंगी आतिशबाजी का आनंद लेते रहे। भीड़ ने हर पल को उत्साह और उमंग के साथ देखा। स्थानीय निवासी रमेश सिंह ने कहा, “यह आयोजन पिछले सालों की तुलना में और भव्य और यादगार रहा। बच्चों और बड़ों ने रावण दहन और आतिशबाजी का पूरा आनंद लिया।” पुतलों की विशालता और डिज़ाइन ने सभी का ध्यान खींचा। आग लगने के बाद भीड़ में उत्साह और उमंग की लहर दौड़ गई। विशेष आकर्षण:


