शारदीय नवरात्र में नौ दिन तक मां दुर्गा की पूजा अर्चना हुई। गुरुवार को दशहरा पर पंडालों में विराजमान दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया। सबसे ज्यादा आकर्षण चल समारोह रिंग रोड पर विराजीं मां काली का रहा। कंधों पर मां काली की पालकी लिए श्रद्धालु दोपहर ठीक 3.10 बजे भदौरिया की खिड़की से रवाना हुए। पालकी के साथ महिला, बच्चे, युवा, दौड़ते चल रहे थे। पालकी महज 20 मिनट में ढाई किमी दूर कटोरा ताल पहुंची। इस दौरान 27 बकरों की बलि भी दी गई। हालांकि विसर्जन शाम 6 बजे तक चला। क्रेन से बीच ताल में मां काली की प्रतिमा का विसर्जन हुआ। शहर में सबसे ज्यादा प्रतिमाएं करन सागर में विसर्जित की गईं। यहां पुलिस और गोताखोरों के साथ नपा अधिकारी, कर्मचारी तैनात रहे। श्रद्धालु डीजे और ढोल नगाड़ों पर नाचते गाते हुए, गुलाल उड़ाते हुए चल समारोह में चल रहे थे। यहां 150 से ज्यादा प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। इसी तरह ग्वालियर झांसी हाइवे के नजदीक बस्तियों की प्रतिमाओं का विसर्जन कटोरा ताल में किया गया। असनई ताल में भी प्रतिमाएं विसर्जन के लिए ले जाई गईं।


