नमस्कार डेयरी विभाग के मंत्रीजी मंच पर चढ़े। चरस के घी, चरस के दूध की महिमा गाने लगे। मंत्रीजी का चतुर रामलिंगम वाला अवतार सामने आया। उधर गरबा के पंडाल में निर्दलीय विधायक सर और निर्दलीय विधायक मैडम ने खूब ताल मिलाई। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के एपिसोड में… 1. डेयरी और गोपालन विभाग के मंत्री का थ्री इडियट वाला चमत्कार थ्री इडियट का चतुर रामलिंगम। गलत स्क्रिप्ट के कारण मंच पर खूब ‘चमत्कार’ किया। ऐसा ही वाकया जयपुर में हो गया। सहकारिता सदस्यता अभियान का मंच था। मंच पर थे डेयरी विभाग के मंत्री जोराराम कुमावत। जोरारामजी जिस क्षेत्र से आते हैं, वहां ‘स’ को ‘च’ बोला जाता है। बोली है। बाई-डिफॉल्ट है। मंत्रीजी को ‘सरस’ का गुणगान करना था। स्वाभाविक बोली के कारण ‘चरस’ का गुणगान कर गए। पढ़िए उन्होंने चरस का गुणगान किन शब्दों में किया- ‘चरस का घी चाहिए, चरस का दूध चाहिए। चरस के हमारे जो प्रोडक्ट बन रहे हैं, चाहे वो आइसक्रीम हो, चाहे दूसरे प्रोडक्ट हों, सबकी डिमांड रहती है। आज हमारा चरस मार्का लोगों की जुबान पर है।’ निवेदन है चरस को सरस ही पढ़ें, सरस ही समझें। 2. निर्दलीय विधायकजी ने किया निर्दलीय विधायक साहिबा के साथ गरबा राजस्थान की राजनीति में ‘त्रिकोण’ की जरूरत महसूस की जा रही है। राजनीतिक लोग अलग-अलग मंचों से कहते रहते हैं कि एक पार्टी जाती है तो दूसरी पार्टी सत्ता में आ जाती है। तीसरा विकल्प है ही नहीं। तीसरे विकल्प के लिए ‘तीन नेता’ एक सुर में गा रहे हैं। इन तीन में से एक थप्पड़ कांड कर चुके हैं। जयपुर में अनशन कर हॉस्पिटल से ही अपनी ताकत दिखा चुके हैं। दूसरे कभी दीवार पर चढ़कर SHO के खिलाफ नारेबाजी करते हैं तो कभी नीलवर्णी अंगवस्त्र पहनकर बांध में कूद जाते हैं। तीसरे जुबान को ही गदा बनाकर दिल्ली तक घूमते हैं। बाड़मेर के एक गरबा पंडाल में तीसरे विकल्प का दूसरा नजारा दिखा। बाड़मेर से निर्दलीय विधायक प्रियंका चौधरी ने शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी के साथ खूब गरबा खेला। विधायक साहिबा भाजपा से बागी हुई थीं और ‘क्लीन चिट’ वाले नेताजी को हराया था। भाटीजी भगवा पार्टी के बड़ों के चहेते हैं। अब यह निर्दलीय गरबा क्या रंग लाएगा, समय बताएगा। 3. टी. राजा ने संघ की महिमा का किया बखान तेलंगाना की गोशामहल विधानसभा सीट से विधायक टी. राजा अपने बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं। फायरब्रांड नेता हैं। हिंदुत्व का झंडा लेकर चलते हैं। झंडे में डंडा बेहद नुकीला। इस बार जयपुर पहुंचे। जयपुर में RSS का एक मंच कांग्रेस के युवा दल की ब्रिगेड ने तोड़ डाला। डायस उठाकर फेंक दिया। पोस्टर फाड़ दिया। प्रोग्राम कॉलेज परिसर में किए जाने से नाराज थे। इसके बाद संघवालों ने दंड संभाल लिया। पुलिस ने भी पूरा सहयोग किया। जमकर लाठियां चलाई। युवा ब्रिगेड की गाड़ियों के शीशे फोड़ डाले। खूब दौड़ाया। इसी घटना के संदर्भ में टी. राजा साहब ने RSS का यशोगान किया। कहा- संघ वालों ने अंग्रेजों से खूब लड़ाई लड़ी। अगर नहीं लड़ते तो तुम्हारे पूर्वज आज भी किसी अंग्रेज के घर में बाथरूम या बर्तन साफ कर रहे होते। 4. चलते-चलते… NCRB की रिपोर्ट पर खून खौला हुआ था। वह दो बच्चों को लेकर सवाई माधोपुर जाने के लिए बस में चढ़ी। अंधेरा हो आया। सोच रही थी-कैसे लोग हैं। नवरात्र में देवी को पूजते हैं। आरती उतारते हैं। भोग लगाते हैं। पैर छूते हैं। करतूत के आंकड़े आते हैं तो नारियां शर्मसार हो जाती हैं। वह सोच में डूबी थी। इसी बीच शराब की दुर्गंध का भभका सा आया। नशे में धुत एक लड़का बस में चढ़ आया था। अकेली औरत। साथ में दो छोटे बच्चे। कोई मर्द साथ नहीं। नशा सिर पर हावी हुआ। लड़का सीट के पास सटकर खड़ा हो गया। महिला कोने में दुबकी। सहमी। डरी। मनचले की हिम्मत बढ़ी। महिला का मुकाम आ गया। सब्र की इंतेहा हो गई। बस रुकी। महिला का डर जाता रहा। बस से उतरते ही सैंडल उतारी। पकड़ी मनचले की गिरेबान। और नवमी के दिन दुर्गा का रूप धर लिया। लीतरों से बात हुई। नशा जाता रहा। बदमाशी छंट गई। माता रानी का रौद्र रूप देख हाथ अपने आप जुड़ गए। मनचले के देवता माफी मांगने लगे। मैया किसी तरह शांत हुई। हथियार अपने स्थान पर पहुंचा और बच्चों को लेकर घर की तरफ चल दी। वीडियो देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी…


