भीलवाड़ा | सांगानेर में रावण का वध करने राम के रूप में भगवान चारभुजनाथ पहुंचे। यहां रावण का वध करने के लिए श्रीराम ने तीर नहीं चलाया। चांदी के सवा फीट लंबे भाले से रावण की नाभि का अमृत सोखा । यह परंपरा 100 साल से चली आ रही है। शाम 6:20 बजे रावण, मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया। मेघनाद का पुतला जलने के बाद रावण के पुतले में आग लगाई। 1 मिनट और 15 सैकंड में रावण खाक हो गया। सबसे पहले रावण का सिर गिरा। भगवान राम का रूप धारण कर चारभुजानाथ बेवाण से दशहरा मैदान पहुंचे। पाराशर पुजारी परिवार ने बताया कि सांगानेर के बड़ा मंदिर में कृष्ण-राधा की प्रतिमाएं हैं। दशहरे के दिन उन्हें भगवान राम और सीता का रूप धराया जाता है। बेवाण के कोने पर हनुमानजी इस तरह विराजित होते हैं जैसे वे कंधों पर राम व सीता को लेकर उड़ रहे हो। भीलवाड़ा | नगर निगम की ओर से सुभाष नगर स्थित टंकी के बालाजी मंदिर के सामने दशहरे पर राजनीति की। रावण और मेघनाद के दो पुतले नगर निगम ने लगाए। कुंभकर्ण का पुतला नहीं था। यह देखकर प्रतिपक्ष के नेताओं ने विरोध किया। उन्होंने कुंभकर्ण का 20 फीट का पुतला बनाया। जिस पर महापौर लिख दिया। रावण और मेघनाद के साथ महापौर का पुतला कुंभकर्ण के तौर पर जलाया। रावण दहन नेता प्रतिपक्ष धर्मेंद्र पारीक और टंकी के बालाजी मंदिर के अखाड़े के बच्चों की वानर सेना ने मिलकर किया। वानर सेना के साथ बच्चे भगवान राम और लक्ष्मण का वेश धरकर आए। पटाखे कम होने से आतिशबाजी फीकी रही। भीलवाड़ा| तेजाजी चौक स्थित दशहरा मैदान में शाम 6:25 बजे बड़ा मंदिर से भगवान चारभुजानाथ का बेवाण पहुंचा। 6:28 बजे लंका दहन शुरू हुआ। बेवाण के पहुंचते ही रावण का पुतला आंखों, मुंह और नाभि से अंगारे बरसाने लगा। 20 सेकंड में रावण का जोश ठंडा पड़ गया। फिर मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन हुआ। सबसे अंत में 6:35 बजे रावण दहन किया। राम-रावण युद्ध के दौरान रावण के मुकुट में लगे दस मुख में से पांच टूटकर गिर गए। रामलीला के साथियों ने रावण को नया मुकुट पहनाया। रावण ने खुद शेष 9 मुख उतार कर नया रूप धारण किया। वहीं, पंचमुखी दरबार के स्वर्ण चोला दर्शन हुए। महंत लक्ष्मण दास त्यागी के सानिध्य में भक्तों को दो बोरी शक्कर से निर्मित बूंदी प्रसाद वितरित किया। दशहरे पर गुलाबपुरा में 72 फीट का रावण, 51-51 फीट के मेघनाद और कुंभकर्ण और 15-15 फीट के सैनिकों के पुतले जलाए गए। समारोह में अभिनेता तुषार कपूर भी पहुंचे। फोटो : सुखदेव गाडरी


