मेडिकल कचरे को डिस्पोज (निस्तारण) करने के एवज में हो रही सरकारी पैसे की लूट अब नहीं हो पाएगी। पहले जहां प्रत्येक जिले में स्थानीय अधिकारी मनमाने तरीके से रेट तय कर रहे थे। अब प्रदेशभर में एक जैसे रेट वसूले जाएंगे। इस संबंध में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक ने 1 अक्टूबर को आदेश जारी किया है। इसमें 15 दिन के भीतर नए रेट लागू करने कहा है। आदेश में ये भी स्वीकार किया गया कि प्रदेशभर में रेट को लेकर विसंगति है। भास्कर ने 23 सितंबर 2025 को ‘मेडिकल कचरे पर पैसे वेस्ट’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इसमें खुलासा किया कि दतिया में सरकारी अस्पतालों से निकल रहे कचरे का निष्पादन सबसे मंहगी दर पर हो रहा है। ये रेट भोपाल, इंदौर और ग्वालियर से भी कई गुना ज्यादा हैं। इसके बाद विभाग ने मनमाने रेट पर अंकुश लगाने पुरानी व्यवस्था को समाप्त किया। साथ ही नए रेट 15 दिन में लागू करने का निर्देश दिया।


