इंदौर जिले के बेटमा में विजया दशमी पर अश्व, शस्त्र और गादी पूजन की रियासतकालीन परंपरा निभाई गई। अमन-चमन टेकरी पर तीन चरणों में घुड़ दौड़ हुई। इसके बाद आग के गोले से घोड़े कूदाने जैसे करतब हुए। वहीं 30 निशानेबाजों ने 200 मीटर दूर रखी मटकी पर निशाना साधा। हालांकि इस बार 90 राउंड फायर करने के बाद भी एक भी निशानेबाज मटकी फोड़ने में सफल नहीं हो सका। इसके बाद आतिशबाजी और रावण दहन किया गया।


