गांधी जयंती के मौके पर 2 अक्टूबर को जहां पूरे देश में शराब बिक्री पर रोक थी, वहीं नर्मदापुरम शहर में ड्राई डे के नियमों की अनदेखी हुई। शहर के कलेक्ट्रेट परिसर, कमिश्नर ऑफिस रोड, सब्जी मंडी और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर युवाओं ने बेखौफ होकर शराब और सिगरेट का सेवन किया। सरकारी दफ्तरों के आसपास भी चला नशे का दौर सोमवार रात 12 बजे तक कलेक्ट्रेट परिसर की सड़कों पर गरबा ड्रेस में युवक-युवतियां खुलेआम शराब पीते नजर आए। वहीं, जिला पंचायत की रोड पर प्रतिमा विसर्जन के लिए पहुंचे युवाओं के साथ भी शराब और बियर की बोतलें देखी गईं। पुलिस और आबकारी विभाग की लापरवाही और कमजोर मुखबिर तंत्र के कारण ड्राई डे पर भी शराब की आपूर्ति निर्बाध रूप से होती रही। इससे शराबियों को पीने में कोई दिक्कत नहीं आई। सब्जी मंडी के चबूतरों पर मयखाना, दुकानदार परेशान कोठी बाजार स्थित सब्जी मंडी के चबूतरे भी नशेड़ियों के अड्डे बन चुके हैं। नगरपालिका द्वारा दुकानदारों के लिए बनाई गईं लोहे की अलमारियों के दरवाजे शरारती तत्वों ने तोड़ दिए हैं। इन अलमारियों में रखा सामान भी बाहर फेंक दिया जाता है, जिससे दुकानदारों को काफी परेशानी हो रही है। एसडीओपी बोले- कार्रवाई करेंगे एसडीओपी जितेंद्र पाठक ने कहा कि अवैध शराब बेचने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने माना कि सार्वजनिक स्थलों और सरकारी दफ्तरों के पास शराब पीना अपराध है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सब्जी मंडी और अन्य स्थानों पर शराब पीने वालों के खिलाफ जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल स्थानीय लाेगों ने बताया कि ड्राई डे के दिन शहर में इस तरह से शराब की उपलब्धता और उसका खुलेआम सेवन प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। नशे की बढ़ती घटनाओं और सार्वजनिक जगहों के दुरुपयोग को लेकर आम लोग भी नाराज हैं। नागरिकों ने मांग की है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए।


