नर्मदापुरम। दशहरे पर गुरुवार दोपहर से शुरू हुआ प्रतिमा विसर्जन का सिलसिला शुक्रवार रात 3 बजे तक जारी रहा। हर्बल पार्क घाट पर श्रद्धालु मां जगदंबे की मूर्तियों को विसर्जित करने पहुंचे। क्रेन की मदद से प्रतिमाओं को कुंड में सुरक्षित रखा गया। कुंड भर जाने पर विसर्जन रोका
डीएफओ ऑफिस से हर्बल पार्क घाट तक का रास्ता संकरा होने के कारण विसर्जन के लिए कतार लगी रही। कुंड भर जाने पर बीच-बीच में विसर्जन को रोका गया और पहले से विसर्जित प्रतिमाओं के अवशेष निकाले गए। इसके बाद रात 12 बजे से फिर से प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू किया गया। इस कारण श्रद्धालुओं को प्रतिमाएं विसर्जित करने के लिए इंतजार करना पड़ा। ट्रैक्टरों की लंबी कतारें लग गईं, लेकिन सुरक्षा और प्रशासन की व्यवस्था के चलते सब कुछ सुचारू रूप से हुआ। जयकारों के साथ मां की विदाई
नवरात्रि के नौ दिन माता जगदंबे की आराधना का भक्तिमय माहौल रहा। दशहरे के दिन मां की मंगल आरती के साथ श्रद्धालुओं ने नाचते-गाते मां को विदा किया। पुलिस और प्रशासन ने रातभर पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की। हर्बल पार्क के पास कृत्रिम कुंड में प्रतिमाएं विसर्जित की गईं। पुलिस, राजस्व और नगर पालिका के कर्मचारी पूरे समय तैनात रहे। मौके पर एसपी सांईकृष्णा थोटा, एएसपी आशुतोष राजन, एसडीओपी जितेंद्र पाठक तैनात रहे। विसर्जन के लिए किया इंतजार
प्रतिमा विसर्जन के दौरान प्रशासन ने विशेष ध्यान रखा कि पुरानी मूर्तियों के अवशेष कुंड से निकालकर नई मूर्तियों के लिए जगह बनाई जाए। इसके चलते कभी-कभी विसर्जन में थोड़ी देर रुकी, लेकिन श्रद्धालुओं और ट्रैक्टर संचालकों ने इंतजार किया। हर्बल पार्क घाट पर सुरक्षा व्यवस्था के चलते कोई भी दुर्घटना या अव्यवस्था नहीं हुई।


