जबलपुर में ट्रिपल आईटीडीएम कॉलेज में पढ़ने वाले फर्स्ट ईयर के छात्र उत्कर्ष तिवारी की 3 दिन पहले हाॅस्टल की चौथी मंजिल से गिरकर मौत हो गई थी। घटना को लेकर काॅलेज प्रबंधन का कहना था कि छात्र एजुकेशन लोन को लेकर परेशान था। जबकि परिजनों का आरोप था कि उसकी हत्या कर उसे छत से नीचे फेंका गया है। पुलिस जब घटना की जांच कर रही थी, तब छात्र का मोबाइल गायब था, जिसे कि पुलिस लगातार तलाश कर रही थी। घटना के 3 दिन बाद काॅलेज कैंपस में गुम हुए मोबाइल को बीडीएस ने ढूंढ निकाला है, हालांकि वह टूटा था। उस जांच के लिए साइबर टीम को भेजा है। छात्र के परिजन का कहना है कि एक माह पहले मैं उसे हंसते हुए छोड़कर गया था, वह आत्महत्या नहीं कर सकता है। एजुकेशन लोन हो गया था स्वीकृत
एक माह 8 दिन पहले ही उत्कर्ष उत्तरप्रदेश जौनपुर से जबलपुर आया था। परिजनों ने काॅलेज एडमिशन की पहली किस्त 1 लाख 25 हजार जमा भी कर दी। जौनपुर के यूनियन बैंक में एजुकेशन लोन के लिए अप्लाई किया गया था। उसे दीपावली में आकर एक साइन करना था, जिसके बाद करीब साढ़े सात लाख रुपए का लोन स्वीकृत हो जाता। मृतक छात्र के चाचा का कहना है कि 22 अगस्त 2025 को उसे काॅलेज छोड़कर गया था, उसे कुछ भी समस्या आती थी, तो सिर्फ मुझसे ही कहता था। उत्कर्ष की काॅलेज में हत्या की गई है, और प्रबंधन उसे दबाने का प्रयास कर रहा है। चंद कदमों की दूरी पर मिला मोबाइल
29 सितंबर को जिस हाॅस्टल की चौथी मंजिल से गिरकर छात्र की मौत हुई थी, वहां से चंद कदमों की दूरी पर ही उसका मोबाइल टूटा पड़ा था। घटना के बाद से ही लगातार पुलिस तलाश कर रही थी, लेकिन नहीं मिला। शुक्रवार सुबह घटनास्थल पर पहुंचकर बीडीएस की टीम ने मोबाइल तलाशना शुरू किया। टीम को मोबाइल झाड़ी के बीच पड़ा हुआ मिला। हालांकि वह मोबाइल टूटी हुई स्थिति में था। अब जबकि उत्कर्ष को मोबाइल मिल गया है, तो साइबर टीम यह पता कर रही है, कि उसने अंतिम बार किससे और कितनी देर बात की थी। एक लड़की के संपर्क में था उत्कर्ष
जबलपुर पुलिस ने प्राथमिक जांच में पाया है कि उत्कर्ष उत्तरप्रदेश में रहने वाली एक लड़की से लगातार संपर्क में था, और अक्सर फोन पर उससे बात भी किया करता था। पूछताछ में यह भी पुलिस को पता चला है कि घटना के एक दिन पहले रात भर वह कमरे से बाहर था। मोबाइल पर लगातार किसी से बात कर रहा था। सुबह सिर्फ एक घंटे सोया और फिर बाहर चला गया। उत्कर्ष की जिस दिन मौत हुई है, उस दिन भी वह सुबह 9 बजे से कमरे से बाहर था, और कुछ फिर कुछ घंटे बाद उसकी मौत की खबर आ गई। किसी बात को लेकर विचलित था छात्र
रांझी सीएसपी सतीष साहू ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए बताया कि घटना की लगातार जांच चल रही है। साथ में रहने वाले छात्र ने और कई जानकारी पुलिस को दी है, जिस पर जांच की जा रही है। जिस लड़की से उत्कर्ष मोबाइल पर बात किया करता था, वह नंबर पुलिस को मिल गया है, पर अभी बंद है। साइबर की टीम जल्द ही पता लगा लेगी कि उत्कर्ष किससे और कब से बात कर रहा था। शरीर पर कई जगह इंजरी
मेडिकल काॅलेज में छात्र उत्कर्ष तिवारी का पोस्टमॉर्टम किया गया है। डाॅक्टर का कहना है कि उसके शरीर में कई जगह इंजरी थी, विस्तृत रिपोर्ट अभी तैयार की जा रही है, पर अभी शाॅर्ट पीएम रिपोर्ट में पता चला है कि शरीर की कई हड्डियां टूट गई थी। मौत कैसे हुई है, यह पूरी रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही कहा जा सकता है। यूपी के जौनपुर का रहने वाला था छात्र
मृतक छात्र उत्कर्ष तिवारी (19 ) मूल रूप से जौनपुर, उत्तर प्रदेश का रहने वाला था। करीब 1 महीने पहले ही उसने बी.टेक में दाखिला लिया था और हॉस्टल की चौथी मंजिल पर अपने साथी छात्र के साथ रहता था। मृतक के चचेरे भाई रोहित तिवारी राजस्व विभाग में पदस्थ हैं। उन्होंने बताया कि एजुकेशन लोन पास हो गया था। उत्कर्ष के चचेरे भाई का कहना है कि हमारा पूरा परिवार एक साथ रहता है। जैसे ही उसका IIITDM काॅलेज में एडमिशन हुआ, पूरे परिवार में खुशी का माहौल था। उत्कर्ष के पिता चंद्र कुमार प्राइवेट कंपनी में जाॅब करते हैं। पढ़ाई के लिए पैसे बहुत चाहिए थे, पर हमने उसे इस बात की कमी नहीं होनी दी कि फीस के चलते पढ़ाई रुक जाए। रोहित ने कहा कि मैं सरकारी विभाग में हूं, मेरा छोटा भाई इंजीनियर है और सबने यह तय किया था कि अगर एजुकेशन लोन नहीं हुआ तो, हम मिलकर फीस जमा करेंगे।


