देवास में शुक्रवार दोपहर बाद माता दुर्गा प्रतिमाओं का ऐतिहासिक विसर्जन चल समारोह शुरू हुआ। यह समारोह स्थानीय सयाजीद्वार से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा। सबसे आगे माता चामुंडा और तुलजा भवानी की प्रतिमाएं शामिल हुईं, जिनकी पूजा-अर्चना खेड़ापति मंदिर के पुजारियों ने की। इसके बाद अन्य दुर्गा प्रतिमाएं एक के बाद एक चल समारोह में शामिल होती गईं। चल समारोह सयाजीगेट से खेड़ापति मंदिर, तहसील चौराहा, अलंकार मार्केट, पीठा रोड, तीन बत्ती, जवाहर चौक, नयापुरा, जनता बैंक, सुभाष चौक से होते हुए नॉवेल्टी चौराहा, एकता क्लब चौराहा और मीरा बावड़ी चौराहा पहुंचा। यहां से एबी रोड पर आने के बाद आयोजक प्रतिमाओं को कालूखेड़ी तालाब ले जाएंगे, जहां उनका विसर्जन किया जाएगा। विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने जगह-जगह मंच लगाकर समारोह का स्वागत किया। समारोह के दौरान अखाड़ों के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक करतब दिखाए। कई युवा ढोल-ताशे पर झूमते हुए नजर आए, जिससे माहौल उत्साहपूर्ण बना रहा। चल समारोह देखने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शहर पहुंचे। पुलिस ने पूरे शहर में विभिन्न चौराहों पर चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की थी। एमजी रोड मार्ग पर जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि समारोह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। झांकियों के साथ सामाजिक संदेश भी दिए गए। इनमें ‘हर कन्या का सुरक्षित घर पहुंचना ही असली कन्या पूजन है’ और ‘जो बेटी की कीमत ना जाने वह पिता नहीं व्यापारी है उसके घर बेटी मत देना वह तो स्वयं अत्याचारी है’ जैसे स्लोगन प्रदर्शित किए गए। देखिए तस्वीरें…


