मैहर में मां शारदा के दर्शन करेंगे आरएसएस प्रमुख भागवत:सतना में कल से दो दिन का प्रवास, मेहर बाबा दरबार लोकार्पण कार्यक्रम में रहेंगे

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत कल 4 अक्टूबर, शनिवार को मैहर और सतना के दो दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। डॉ. भागवत सुबह 6 बजे मैहर में मां शारदा देवी के दर्शन करेंगे। इसके बाद वे सतना जिले की उचेहरा तहसील के पतौरा गांव जाएंगे, जहां प्रांत प्रचारक बृजकांत चतुर्वेदी के आवास पर अल्प विश्राम और दोपहर का भोजन करेंगे। भोजन के बाद, वे सीधे सतना आकर उतैली स्थित सरस्वती आवासीय विद्यापीठ में ठहरेंगे। यहां उनके रुकने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसी दिन शाम को, संघ प्रमुख आवासीय विद्यापीठ में प्रांत स्तर के एक संघ वर्ग में शामिल होंगे, जिसमें पूर्णकालिक सदस्य उपस्थित रहेंगे। मेहर बाबा दरबार का करेंगे लोकार्पण
अगले दिन, 5 अक्टूबर को डॉ. मोहन भागवत सिंधी कैंप स्थित मेहर शाह दरबार का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद सुबह 10:30 बजे बीटीआई मैदान में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। शाम 6 बजे, संघ प्रमुख रीवा इतवारी ट्रेन से नागपुर के लिए रवाना हो जाएंगे। डॉ. भागवत का सतना से पुराना जुड़ाव रहा है। लगभग 10 साल पहले वे उतैली स्थित सरस्वती आवासीय विद्यापीठ में संघ शिक्षा वर्ग में शामिल हुए थे। इसके अलावा, 8 साल पहले उन्होंने जिले के रामपुर बघेलान ब्लॉक के रामवन में आयोजित संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक में भी शिरकत की थी। वे चित्रकूट में संघ के अलावा कई अन्य कार्यक्रमों में भी शामिल होने कई बार आए हैं। बंटवारे के बाद सतना आ गए थे बाबा मेहर शाह
आरएसएस प्रमुख डॉ मोहन भागवत मेहर शाह दरबार का लोकार्पण करने सतना आ रहे है। आजादी के बाद हुए बंटवारे में बाबा मेहर शाह सिंध प्रांत से सतना आ गए थे। उन्होंने यहां सिंधी कैंप में छोटा सा दरबार लगाना शुरू किया था। दरबार में आने वाले भक्तों की मुरादे पूरी होती गई और बाबा का दरबार भी समय के साथ विस्तार लेता गया। बाबा मेहर शाह जी के ब्रम्हलीन होने के बाद उनकी गद्दी पुरुषोत्तम दास जी को मिली। तब से उन्हीं के दरबार में भक्तों का तांता लगा रहता है। समाज के सहयोग से छोटे से दरबार को भव्य रूप दिया गया है। इसी मेहर शाह दरबार का लोकार्पण संघ प्रमुख के हाथों 5 अक्टूबर को होना है। प्रांत प्रचारक ने 25 साल पहले छोड़ा घर
प्रांत प्रचारक बृजकांत चतुर्वेदी के घर संघ प्रमुख के भोजन करने के कार्यक्रम ने लोगों में जिज्ञासा बढ़ा दी है। बृजकांत चतुर्वेदी एक ऐसे परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जिसके पास महज 4 एकड़ की खेती है। उन्होंने लगभग 25 साल पहले घर छोड़ दिया था और बीएससी के बाद एमए इंग्लिश करने के लिए रीवा चले गए थे। उन्होंने वहां जेल रोड स्थित संघ कार्यालय में रुक कर पढ़ाई करते थे। एमए पूरा करने के बाद बृजकांत ने नरसिंहपुर में प्रचारक बन कर संघ के काम में जुट गए। इसके बाद संघ प्रमुख रहे सुदर्शन जी के निज सहायक भी रह चुके है। सुदर्शन जी के निधन के बाद बृजकांत भोपाल, शिवपुरी में विभाग प्रचारक के तौर पर काम किए। फिलहाल बृजकांत महाकौशल प्रांत के प्रचारक का दायित्व निभा रहे है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *