झाबुआ जिले की कृषि उपज मंडियों में भावांतर योजना के तहत किसानों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क शुरू कर दी गई है। ये डेस्क झाबुआ, थांदला और पेटलावद की मंडियों में शुक्रवार से काम करना शुरू कर चुकी हैं। इनका उद्देश्य किसानों को पंजीयन से लेकर भुगतान तक आने वाली समस्याओं के समाधान में मदद करना है। योजना के तहत ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन 3 अक्टूबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक चलेगा। सोयाबीन विक्रय की अवधि 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। कंप्यूटर ऑपरेटरों को दिया गया प्रशिक्षण झाबुआ कलेक्टर के निर्देश पर, योजना के संबंध में संबंधित विभागों ने सरकारी समितियों के शाखा प्रबंधकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया था। पेटलावद में केंद्र प्रभारी सुनील रावत ने बताया कि भावांतर भुगतान योजना में मॉडल रेट 15 दिन में जारी होंगे और समर्थन मूल्य और मॉडल रेट के बीच की अंतर राशि किसानों को दी जाएगी। पंजीयन ग्राम पंचायत कार्यालय, जनपद पंचायत कार्यालय, तहसील कार्यालय और सहकारी समितियों में निःशुल्क किया जा रहा है। हालांकि, एमपी ऑनलाइन कॉमन सर्विसेज सेंटर और लोक सेवा केंद्रों पर पंजीयन के लिए शुल्क देना होगा। किसानों को किसी भी समस्या के समाधान के लिए मंडी कार्यालय में स्थापित भावांतर भुगतान सहायता केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी गई है।


