राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का वार्षिक पथ संचलन खुजनेर नगर में शुक्रवार को अनुशासन और उत्साह के साथ निकला। नगर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरे इस संचलन में स्वयंसेवकों की अनुशासित पंक्तियां आकर्षण का केंद्र रहीं। संचलन के दौरान नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा से स्वागत कर स्वयंसेवकों का मनोबल बढ़ाया। इस अवसर पर खंड संचालक दिलीप नागर एवं विभाग सहकार्यवाह भगवान सिंह उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता के रूप में विभाग प्रचारक धर्मेंद्र सिंह बघेल ने स्वयंसेवकों एवं उपस्थित नागरिकों को संबोधित किया। मुख्य वक्ता धर्मेंद्र बघेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत भूमि प्राचीन काल से ही विश्व गुरु एवं सोने की चिड़िया रही है। हमारा इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है, लेकिन आत्मविस्मृति के कारण हिंदू समाज अपने पूर्वजों और अपनी परंपराओं को भूल गया, जिसका परिणाम यह हुआ कि हम पराधीनता में पहुंचे। उन्होंने कहा कि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने गहन मंथन किया और यह निष्कर्ष निकाला कि गुलामी के पीछे तीन मुख्य कारण रहे- धर्मेंद्र बघेल ने उदाहरण देते हुए कहा कि “चार हिंदू एक दिशा में चलते थे तो पांचवां उनके कंधे पर होता था। समाज को एकजुट करना उस समय मानो जिंदा मेंढक को तौलने जैसा कठिन कार्य था।” पंच परिवर्तन व शताब्दी वर्ष पर प्रकाश
मुख्य वक्ता ने अपने संबोधन में संघ के पंच परिवर्तन एवं शताब्दी वर्ष की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज को समरसता, कुटुंब प्रबोधन, आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ एक दिशा में आगे बढ़ना होगा। संचलन का नगरभर में स्वागत
पथ संचलन में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक अनुशासित कदमताल करते हुए शामिल हुए। गणवेश में सुसज्जित स्वयंसेवकों ने जब नगर की सड़कों पर कदमताल किया तो वातावरण अनुशासन और राष्ट्रभक्ति से गूंज उठा। नगरवासियों ने मार्ग में पुष्पवर्षा कर तथा स्वागत द्वारों से अभिनंदन कर संघ की इस परंपरा का स्वागत किया।


